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सपा नेता की पिटाई के मामले में सीएम की कार्रवाई ने खादी और खाकी के बीच नई जंग छेड़ दी है। कार्रवाई भले ही गोरखपुर में हुई हो मगर इसका असर पूरे सूबे में पड़ा है। सपाई जहां सीएम की कार्रवाई से गदगद हैं तो वहीं पुलिस वालों में भारी नाराजगी है। सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर जबरदस्त जंग छिड़ी हुई है। यहां सीएम की कार्रवाई को सपा नेता इज्जत और इंसाफ से जोड़कर पेश कर रहे हैं, वहीं पुलिस वाले इकबाल पर खतरा बता रहे हैं। उनका दर्द है कि ऐसे ही रहा तो अब थाने में भी अपराधियों को सलामी ही देनी पड़ेगी।

मामला एक हाई प्रोफाइल सपा नेता से जुड़ा है। खुद जिला सचिव रहने के साथ ही इनके पिता गोपाल यादव जिला अध्यक्ष रह चुके हैं। यह वही जिला अध्यक्ष है, जो जमीन के विवाद में सजायाफ्ता कैदी हैं। बेटा भी उसी जमीन के मामले में बवाल के बाद थाने लाया गया था। इस मामले में सपा नेता एकजुट हुए तो कार्रवाई भी होनी शुरू हो गई। पहले तीन चौकी इंचार्जों और एक सिपाही पर गाज गिरी, उसके बाद एसएसपी अनंत देव को भी सस्पेंड कर दिया गया। उनकी जगह कानपुर अधिसूचना के पुलिस अधीक्षक रामलाल वर्मा को नया एसएसपी बनाया गया है।

सीएम की इस कार्रवाई पर सपा नेताओं की शुभकामनाएं जैसे ही सोशल मीडिया में आई पुलिस वालों का आक्रोश भी बढ़ने लगा। कुछ पुलिस वालों ने खुलकर इस पर टिप्पणी भी कर डाली। व्हाट्सएप पर खुद के ग्रुप में भी पुलिसकर्मी अपनी भड़ास निकाल रहे हैं। नाम न छापने के शर्त पर कुछ पुलिस वाले बोले कि थाने में गाली देने वाले पर भी अब वह कुछ कार्रवाई नहीं कर सकते हैं। अपराधी भी सफेद कुर्ते में आकर सब कुछ करके चला जाता है और हम सिर्फ देखते रह जाते हैं।

दरअसल यह पूरा मामला सपा के पूर्व जिला अध्यक्ष सजायाफ्ता कैदी गोपाल यादव के पुत्र और जिला सचिव गौरव यादव की पिटाई के मामले के जुड़ा हुआ है। मालूम हो कि दाउदपुर में जमीन को लेकर सपा नेता गौरव यादव उर्फ अतुल और पट्टीदार शोभा के बीच जमकर मारपीट हुई थी। बवाल बढ़ने पर दोनों पक्ष की तरफ से हुई फायरिंग में एक पक्ष के रामनयन यादव, दूसरे पक्ष के चंद्रजीत घायल हो गए थे।

मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों को अस्पताल पहुंचाकर गौरव समेत दोनों पक्ष के चार लोगों को हिरासत में ले लिया था। थाने पहुंचने पर गौरव पुलिसकर्मियों से ही उलझ गए। वर्दी उतरवाने की धौंस देने पर दरोगा और सिपाहियों ने उनकी पिटाई कर दी थी। इस मामले को लेकर मंगलवार को सपा जिलाध्यक्ष डॉ. मोहसिन खान के साथ कई सपा नेता कार्रवाई की मांग को लेकर थाने पहुंच गए थे। इसके बाद मोहद्दीपुर चौकी इंचार्ज नरेंद्र राय, जटेपुर चौकी इंचार्ज मृत्युंजय कुमार सिंह, बेतियाहाता चौकी इंचार्ज दिनेश तिवारी और एक सिपाही को सस्पेंड कर दिया गया था। मगर इसके बाद भी मामला शांत नहीं हुआ।

पार्टी के नेता पर कार्रवाई की बात मुख्यमंत्री तक पहुंची तो बुधवार को सीएम ने एसएसपी अनंत देव को सस्पेंड कर दिया। इससे पहले, बुधवार सुबह एसएसपी ने सीएमओ से मुलाकात कर मेडिकल कॉलेज में सपा नेता गौरव का दोबारा मेडिकल परीक्षण कराया। फिलहाल इलाज के लिए गौरव को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जाता है कि एसएसपी के खिलाफ कार्रवाई से पहले सपा नेताओं ने एक बैठक भी की थी जिसका फीडबैक मुख्यमंत्री तक भी भेजा गया था जिसके बाद अनंत देव को निलंबित कर दिया गया।

ददुआ को ठिकाने लगाने वाले एसएसपी के निलंबन के बाद पुलिस महकमे में आक्रोश

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