दक्षिण सूडान में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए ‘ऑपरेशन संकटमोचन’ शुरू हो गया है। गुरुवार को भारत सरकार ने अपने 146 से अधिक नागरिकों को राजधानी जूबा से सुरक्षित निकाल लिया।तिरुअनंतपुरम में कुछ देर रुकने के बाद ये लोग शुक्रवार को दिल्ली पहुंच जाएंगे। वायुसेना द्वारा भेजे गए दो विमानों में ये लोग स्वदेश लौट रहे हैं।

इस बीच, विदेश मंत्रालय में पंजीयन कराने के बावजूद बहुत सारे भारतीयों ने वापस लौटने से इन्कार कर दिया। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज द्वारा ट्विटर के जरिये की गई अपील का भी उन पर कोई असर नहीं हुआ। इसके बाद स्वराज ने फिर ट्वीट किया कि हालात और खराब होने पर आपको निकाल पाना हमारे लिए संभव नहीं होगा।

इससे पहले विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने पत्रकारों को बताया कि जो भारतीय सूडान छोड़ना चाहते हैं, उन सबको वापस लाना हमारा लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि स्वराज खुद पूरी प्रक्रिया की अगुवाई कर रही हैं। वापसी अभियान का लगातार जायजा लेते रहने के लिए उन्होंने एक उच्चस्तरीय कार्यबल का भी गठन किया है।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, लगभग छह सौ भारतीय दक्षिण सूडान में फंसे हुए हैं। इनमें से तीन सौ लोगों ने वापस आने के लिए निबंधन कराया था।

 

दक्षिण सूडान में फंसे 146 भारतीयों को लेकर तिरुअनंतपुरम पहुंचा पहला विमान

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