भारत, जापान और अमेरिका ने संयुक्त रूप से अपना नौसेना युद्ध कौशल मालाबार अभ्यास शुरू कर दिया है। इसमें 100 से अधिक विमान और एक परमाणु पनडुब्बी समेत 22 नौसेना जहाज हिस्सा ले रहे हैं। क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए तीनों देशों का ध्यान गहरे सैन्य संबंध और सेनाओं के बीच व्यापक सामंजस्य बनाने पर केंद्रित है।

यह अभ्यास इस मायने में भी महत्वपूर्ण है कि यह पूर्वी चीन सागर के पास ऐसे समय किया जा रहा है जब इलाके में चीन की हठधर्मिता मुद्दा बनी हुई है।

भारतीय नौसेना ने कहा है कि नौसेना अभ्यास के 20वें संस्करण में उसके पोत सतपुरा, सह्याद्री, शक्ति और किर्च हिस्सा ले रहे हैं। यह नौसेना अभ्यास भारत के ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ और तीनों देशों के बीच गहरे होते संबंधों के तालमेल में हो रहा है।

इससे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा और साथ ही वैश्विक समुद्री समुदाय को लाभ भी होगा। भारत और अमेरिका नियमित रूप से सालाना अभ्यास 1992 से करते चले आ रहे हैं।

वर्ष 2007 से मालाबार अभ्यास हिंद महासागर और प्रशांत महासागर में क्रम बदल कर आयोजित होता है। पिछले वर्ष यह चेन्नई तट पर आयोजित हुआ था और इसमें जापान को भी शामिल किया गया था। अभ्यास का हार्बर चरण शुक्रवार को सासेबो में शुरूहुआ जबकि प्रशांत महासागर में इसका सागर चरण 14 से 17 जून तक चलेगा।

 

दक्षिण चीन सागर के पास भारत-जापान-US का शक्ति परीक्षण

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