कुमाऊं में मदनपुर-नैनी सड़क पर छह साल पहले 1.52 करोड़ की लागत से बना मोटर पुल बुधवार को ध्वस्त हो गया। हादसे के समय दो ट्रक पुल से गुजर रहे थे, जो पुल के ढांचे के साथ नदी में जा गिरे। पुल पर बैठे दो युवक और एक किशोर नदी में गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।

अस्पताल ले जाते समय दोनों युवकों ने रास्ते में दम तोड़ दिया। ट्रक चालकों को भी चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों ने पुल के क्षतिग्रस्त होने के लिए लोक निर्माण विभाग के घटिया निर्माण को जिम्मेदार ठहराया है।

वर्ष 2010-11 में निर्मित 93 मीटर लंबे इस पुल की गुणवत्ता पर निर्माण के समय स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए थे। घटिया निर्माण कार्य की खबरें अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित की थीं। आंदोलन भी हुए, लेकिन सरकारी तंत्र ने मामले को दबा दिया।

पिथौरागढ़ के डीएम डा. रंजीत कुमार सिन्हा ने कहा कि पुल गिरने के कारणों की जांच कराई जाएगी। पुल में खामी मिली तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बुधवार शाम करीब 4 बजे मदनपुर से 3 किमी आगे न्योलियासेरा में बने स्टील गार्डर पुल से नैनी के लिए पत्थर की रोड़ी ले जा रहे दो ट्रक एक साथ गुजर रहे थे।

दोनों ट्रक जब पुल के बीच हिस्से में पहुंचे तो पुल ध्वस्त हो गया और दोनों ट्रक नीचे गिर गए। पुल पर बाइक खड़ी कर तीन युवक सुनील कुमार (23) पुत्र बची राम निवासी भैसियाछाना, गोलू (16) निवासी हरड़ा, मनोज कुमार (22) पुत्र दिलसाद निवासी भैसियाछाना वहीं बैठे थे।

पुल टूटने से तीनों बाइक समेत नदी में जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों को अल्मोड़ा बेस अस्पताल रेफर किया गया। अल्मोड़ा बेस अस्पताल में डॉक्टरों ने मनोज कुमार और सुनील को मृत घोषित कर दिया।

बेस अस्पताल के सीएमएस डा. डीपी दुर्गापाल ने बताया कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही दोनों की मौत हो चुकी थी। जबकि गंभीर रूप से घायल गौरव मेहता उर्फ गोलू को हल्द्वानी रेफर किया गया है।

ट्रकों के गुजरते वक्त गिरा पुल, दो की मौत, 3 घायल

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