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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मंत्रिमंडल का बहुप्रतिक्षित विस्तार जल्द ही हो सकता है। पूरी संभावना है कि 19 से 21 जून तक मोदी अपनी नई टीम तैयार कर लें। सबसे ज्यादा नजरें असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल की जगह आने वाले नए चेहरे पर टिकी हैं जो देश के नए खेल एवं युवा संस्कृति मंत्री का काम संभालेगा।

मीडिया में चल रही खबरों पर यकीन करें तो पूर्वोत्तर के कोटे से सोनोवाल की जगह उन्हीं के राज्य असम के डिब्रूगढ़ से सांसद रामेश्वर तेली या मंगलदै के सांसद रमेन डेका में से किसी एक को खेल मंत्री का पद दिया जा सकता है।

बता दें कि डिब्रूगढ़ से सांसद रामेश्वर तेली ने कुछ दिन पहले यह आरोप लगाकर विवाद खड़ा कर दिया था कि देश में असहनशीलता के नाम पर अपने राष्ट्रीय पुरस्कार लौटाने वाले लेखकों, कलाकारों, इतिहासकारों और वैज्ञानिकों ने कांग्रेस से पैसा लिया ‌था, जबकि रमेन डेका असम में बांग्लादेशी घुसपैठ की समस्या को प्रमुखता से उठाते रहे हैं। उनकी पहचान भी सोनोवाल की तरह मुखर चेहरे के तौर पर है।

दूसरी ओर फेरबदल में यूपी के कुछ चेहरों की किस्मत भी पलट सकती है, अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए प्रधानमंत्री देश के सबसे ज्यादा आबादी वाले सूबे का प्रति‌निधित्व बढ़ा सकते हैं। फिलहाल भाजपा का पूरा फोकस यूपी पर ही है, हाल ही में पार्टी अध्यक्ष अमित शाह भी राज्य के ज्यादा चेहरों को केंद्रीय मंत्रिमंडल में लाने की वकालत कर चुके हैं।

वैसे भी पार्टी और सरकार का पूरा फोकस यूपी की जातिगत राजनीति को साधने पर है, जिससे लोकसभा चुनावों की तरह ही विधानसभा चुनावों में सभी बिरादरियों का वोट भाजपा की झोली में आ सके। दूसरी ओर चर्चाएं ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल के मंत्रालय में बदलाव की भी हैं, उनकी सक्रियता को देखते हुए मंत्रिमंडल में उनकी प्रोफाइल और बड़ी की जा सकती है।

चर्चा इस बात की भी थी कि स्वास्‍थ्य संबंधी दिक्‍कतों के चलते सुषमा स्वराज भी विदेश मंत्री का पद छोड़ना चाहती हैं। हालांकि यह सिर्फ अटकलें ही साबित हुई, और मामला ठंडा पड़ गया। पार्टी सूत्रों पर यकीन करें तो यूपी के अलावा महाराष्ट्र, पंजाब और उत्तराखंड का कद मंत्रिमंडल में बढ़ सकता है। महाराष्ट्र को छोड़कर अन्य तीनों राज्यों में चुनाव होने हैं इसलिए मोदी यहां की भागीदारी ज्यादा रखना चाहते हैं। वहीं कुछ मंत्रियों का प्रोफाइल घटाया भी जा सकता है। बताया जाता है प्रधानमंत्री अपने कई मंत्रियों के कामकाज से संतुष्‍ट नहीं हैं।

हालांकि सरकार की मंशा है कि फेरबदल का काम जल्द से जल्द खत्म कर लिया जाए। क्योंकि आगामी 25 जुलाई से मानसून सत्र के आसार हैं। ऐसे में नए मंत्रियों को अपने विभाग की पूरी जानकारी भी हो जाएगी, ताकि वे संसद में सवालों का जवाब दे सकें।

टीम मोदी में शामिल होने वाले नए चेहरों के नाम तय

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