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लखनऊ। उत्‍तर प्रदेश के सबसे बड़ राजनीतिक कुनबे में चल रहा संग्रम खत्‍म नहीं हुआ है। इस बीच खबर है कि मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव राज्‍यपाल राम नाईक से मिलने पहुंचे हैं। उनके अचानक इस तरह राज्‍यपाल के पास जाने का कारण अभी साफ नहीं हो पाया है।

दूसरी तरफ मंत्रिमंडल से बर्खास्‍त किए गए शिवपाल सिंह ने अपना सरकारी बंगला खाली कर दिया है। बुधवार को बंगले से उनकी नेम प्‍लेट नदारद थी वहीं उनका सामान भी खली किया गया। इससे पहले रविवार को मंत्रिमंडल से निकाले जाने के बाद शिवपाल ने भी कहा था कि अगर फिर सरकार बनी तो वो अखिलेश के साथ काम नहीं करेंगे। इन सब के बीच बंगला खाली कर शिवपाल ने इशारा किया है कि वो अब मंत्री बनना नहीं चाहते।

इससे पहले परिवार के झगड़े की आग में तब और घी पड़ गया जब पार्टी ने अखिलेश यादव के करीबी माने जाने वाले उनके कैबिनेट मंत्री पवन पांडे को 6 साल के लिए पार्टी से निकाल दिया। अपने पत्र की जानकारी देते हुए शिवपाल यादव ने मीडिया को बातया कि हमने मुख्‍यमंत्री जी को पत्र लिखा है और मांग की है कि पवन पांडे को मंत्रि‍मंडल से हटाएं। वहीं कलह को लेकर अपनी पुरानी लाइन दोहराते हुए बोले कि पार्टी में कोई कलह नहीं है और जैसा नेताजी कहेंगे हम वैसा काम करेंगे।

सपा में चल रहा विवाद अब भी थमा नहीं है और मंत्रि‍मंडल में शिवपाल समेत अन्‍य मंत्रियों की वापसी को लेकर मुलायम ने भी फैसला अखिलेश पर छोड़ा है। दरअसल एमएलसी आशु पटेल ने पवन पांडे पर आरोप लगाया है कि सोमवार को मुख्‍यमंत्री आवास पर बैठक में उन्‍होंने मुझे थप्‍पड़ मारे। आशु पटेल ने इसकी शिकायत गौतमपल्ली थाने में भी दर्ज करवाई है जिसकी जांच जारी है। हालांकि अखिलेश आशु को पहले ही निशाना बना चुके हैं और सोमवार को उन्‍होंने कहा था कि आशु और अमर सिंह ने मिलकर उनके खिलाफ चिट्ठी लिखी थी। आशु मलिक की ये चिट्ठी अखबारों में छपी थी, जिसमें उनकी तुलना औरंगजेब से की गई थी

 

झगड़े के बीच राज्‍यपाल से मिलने पहुंचे अखिलेश

| उत्तर प्रदेश, लखनऊ | 0 Comments
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