mohammadali

सोशल मीडिया के जरिए घर-घर तक पहुंच बनाने के समय के काफी पहले मुक्केबाज मोहम्मद अली वैश्विक स्तर पर एक जाना-पहचाना नाम था। दशकों पहले इस दिग्गज मुक्केबाज ने अपनी उपलब्धियों और पर्सनलिटी की वजह से काफी शोहरत बटोरी थी।

इस लार्जर देन लाइफ पर्सनलिटी की शख्सियत ने मुक्केबाजी से पैसा भी काफी हासिल किया था। 1981 में मुक्केबाजी से संन्यास लेने के बाद भी वे हमेशा सुर्खियों में बने रहते थे।

रिंग के अंदर के करियर और बाहर यदाकदा विवादों में घिरे रहे मोहम्मद अली ने काफी पैसा बनाया। मोहम्मद अली का अमेरिका में निधन के साथ ही मुक्केबाजी के एक युग का अंत हो गया।

‘द रिचेस्ट’ के अनुसार, 2012 में जहां उनकी कुल संपत्ति 80 मिलियन डॉलर थी, वहीं सेलिब्रिटी नेटवर्थ के अनुसार यह आंकड़ा 50 मिलियन डॉलर से ज्यादा था। 1960 के रोम ओलिंपिक में स्वर्ण पदक जीतने के बाद अली ने पेशेवर मुक्केबाजी में कदम रखा।

अगले 21 वर्षों तक उन्होंने कुल 61 मुकाबले लड़े और उन्हें ‘महानतम मुक्केबाज’ के खिताब से नवाजा गया। अली ने इस दौरान उस पीढ़ी के दिग्गज मुक्केबाजों जो फ्रेजियर, जॉर्ज फोरमैन, केन नॉर्टन, लैरी होम्स, फ्लॉयड पैटरसन और लियोन स्पिंक्स का सामना किया।

 

अली को सबसे ज्यादा पैसे उस बाउट के लिए मिले, जिसमें उन्हें हार मिली थी। 10 अक्टूबर 1980 को लैरी होम्स के हाथों मिली तकनीकी हार के दौरान उन्हें 8 मिलियन डॉलर राशि प्राप्त हुई। इस हार से उनका करियर समाप्ति की तरफ अग्रसर हुआ।

अली और फ्रेजियर की प्रतिद्वंद्विता जगजाहिर थी और इनके बीच हुए तीन मुकाबले फैंस को अभी तक याद है। इनकी प हली भिड़तं न्यूयॉर्क के मेडिसन स्क्वेयर गार्डन में 1971 में हुई थी जिसे ‘फाइट ऑफ द सेंचुरी’ करार दिया गया था। इस मुकाबले में फ्रेजियर विजयी हुए थे। इसके बाद तीन वर्षों तक इनके बीच मुकाबला नहीं हो पाया, क्योंकि वियतनाम वॉर में यूएस आर्मी की सेवा करने से इंकार करने के चलते अली को तीन वर्ष के लिए निलंबित किया गया था।

इनके बीच दूसरी भिड़त 1974 में हुई जिसमें अली ने बाजी मारी। अली और फ्रेजियर के बीच तीसरी और अंतिम भिड़ंत 1975 में फिलिपींस में हुई जिसे ‘थ्रिलिया ऑफ मनीला’ के नाम से जाना जाता है। यह मुकाबला बहुत ही संघर्षपूर्ण रहा और इसमें दोनों मुक्केबाज शारीरिक और मानसिक रूप से पस्त हो गए थे। इस फाइट से अली को 6 मिलियन डॉलर मिले थे। इससे एक साल पहले उन्होंने फोरमैन को हराया था और उस वक्त उन्हें 5.45 मिलियन डॉलर राशि प्राप्त हुई थी। इस फाइट को ‘द रम्बल इन द जंगल’ नाम दिया गया था। जमैका के ट्रेवर बेरबिक के खिलाफ मुकाबले के बाद अली ने ग्लोब्ज टांग दिए।

अली और उनकी पत्नी ने 2006 में इस कंपनी की 80 प्रतिशत हिस्सेदारी 50 मिलियन डॉलर में बेच दी। इस डील के चलते अली उस वक्त फोर्ब्स की टॉप 100 सेलिब्रिटिज लिस्ट में 13वें नंबर पर थे।

अली ने रिटायरमेंट के बाद अपनी कंपनी ‘गोट एलएलसी’ पर ध्यान दिया। इस कंपनी के जरिए उन्हें अपने इंडोर्समेंट से सालान 4 से 7 मिलियन डॉलर मिल जाते थे, क्योंकि उनके पास एडिडास और इलेक्ट्रॉनिक आर्ट्‍स जैसी कंपनियां थी। 1984 में उन्हें पर्किंसन रोग होने का पता चला, इसके बाद उनका जीवन बहुत संघर्षपूर्ण गुजरा।

 

जिस मुकाबले में हारे, उसी के लिए मिले थे सबसे ज्यादा पैसे

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