चंडीगढ़। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने गुरुवार को माना पिछले साल फरवरी में जाट आंदोलन के दौरान मुरथल में महिलाओं और युवतियों के साथ दुष्‍कर्म हुए थे। कोर्ट ने यह भी कहा कि गवाहों के बयान और मौके पर मिले महिलाओं के अंडरगारमेंट्स इस बात की तरफ इशारा करते हैं कि यह घटनाएं हुई हैं और अब जांच दल मुरथल रेप कांड के आरोपियों को जल्‍द तलाश करे।

हाईकोर्ट की डिविजन बेंच ने ओपन कोर्ट में यह ऑब्‍जर्वेशन किया कि दो गवाह जिनमें एक टैक्‍सी ड्रायवर भी है, उन्‍होंने कहा था कि महिलाओं को कारों से घीसटकर बाहर निकाला गया था जो यह साबित करता है कि दुष्‍कर्म हुए थे। अदालत ने सोनीपत की ट्रायल कोर्ट में अरोप तय करने के लिए होने वाली सुनवाई पर भी स्‍टे लगाया है।

हरियाणा हाईकोर्ट ने अखबारों में छपी खबरों के आधार पर संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया था और पांच लोगों को आरोपी भी बनाया था। हालांकि उनके खिलाफ आरोप तब वापस ले लिए गए थे जब अंडरगारमेंट्स पर मिले सीमन से आरोपियों के ब्‍लड सैंपल मैच नहीं हुए थे।

अदालत ने एटीएस से कहा कि वो एक एफिडेविट पेश करते हुए कहे कि रेप के आरोप हटाए नहीं गए हैं और मामले की अब भी जांच जारी है। अदालत ने आदेश तब दिया जब एमिक्‍स क्‍यूरी अनुपम गुप्‍ता ने एसआईटी पर गैर प्रोफेशनल तरीके से काम करने का आरोप लगाया।

जांच दल मुरथल रेप कांड के आरोपियों को जल्द तलाश करे: हाईकोर्ट

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