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राज्य सरकार अब सरपंचों के चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से कराएगी। यानी जनता सीधे सरपंच के लिए वोट नहीं डालेगी बल्कि पंच ही सरपंच का चुनाव करेंगे। इसके लिए सरकार ने पंचायती राज (संशोधन) बिल तैयार किया है। इसको रविवार को राज्य कैबिनेट ने मंजूरी दी। इसे अब विधानसभा के चालू सत्र में पेश किया जाएगा।

मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में विधानसभा में पेश किए जाने वाले कई बिलों को मंजूरी दी गई। इनमें जम्मू-कश्मीर स्टेट बैकवर्ड क्लासेज कमीशन (संशोधन) बिल, पंचायती राज (संशोधन) बिल, जनरल सेल्स टैक्स (संशोधन) बिल सहित कुछ और बिल शामिल हैं।

सूत्रों का कहना है कि पीआरसी संबंधी बिल में मतभेद उभरने के बाद इस बिल को नामंजूर कर दिया गया। इस बिल में गलत पीआरसी बनवाने वालों तथा बनाने वाले दोनों के लिए सजा बढ़ाने का प्रावधान किया गया था।

बैठक में यह बात सामने आई कि गलत पीआरसी मामले में सख्ती बरती जाए, लेकिन, सजा बढ़ाए जाने के प्रावधान से संदेश गलत जाएगा। लोग इसके निहितार्थ निकालेंगे। इस वजह से यथा स्थिति बरकरार रखी जाए।

 

जम्मू कश्मीर में सरपंचों के चुनाव के तरीके में हुआ बड़ा बदलाव

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