index

नई दिल्ली। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने दिल्ली हाई कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर कहा है कि एटीएम से रुपये निकालने की सीमा जनहित में तय की गई है। मुख्य न्यायाधीश जी. रोहिणी और न्यायमूर्ति संगीता ढींगरा सहगल के समक्ष आरबीआई की तरफ से कहा गया कि एटीएम की सुविधा को लोगों के लिए लाने का मूल मकसद था कि नकदी के लेन-देन में कमी लाई जा सके। साथ ही पारदर्शिता के लिए देश में इलेक्ट्रॉनिक लेनदेन को बढ़ावा दिया जा सके।

वकील स्वाति अग्रवाल ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर कर मांग की गई थी कि लोगों को सुविधा दी जाए कि वह एटीएम के माध्यम से असीमित मात्रा में नकदी निकाल सकें। जिस बैंक में ग्राहक का खाता है उसी बैंक के एटीएम में असीमित मात्रा में रुपए निकालने की सुविधा दी जाए और ऐसा करने पर किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लगाया जाना चाहिए। भारत की मुद्रा नीति पर नियंत्रण रखने वाले केंद्रीय बैंकिंग संस्थान की तरफ से इस याचिका का विरोध किया गया था।

जनहित में तय की एटीएम से रुपए निकालने की सीमा: आरबीआई

| उत्तर प्रदेश | 0 Comments
About The Author
-