giriraj-singh_1461218100

विवादित बयानों के लिए मशहूर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा ‌है कि भारत अगर अपनी जनसंख्या नीति में बदलाव नहीं करता और सभी धर्मों के लिए दो बच्चों की नीति अनिवार्य नहीं की जाती तो बेटियां सुरक्षित नहीं रह जाएंगी और उन्हें भी पाकिस्तान की तरह पर्दे में रखना होगा। गिरिराज सिंह ने ये बयान बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के बगहा में एक संस्कृति यात्रा के दौरान दिया। इं‌डियन एक्सप्रेस के मुताबिक, उस यात्रा में कई साधू और राष्‍ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता शामिल थे।

गिरिराज सिंह ने कहा, ”हिंदू को दो बेटा हो और मुसलमानों को भी दो ही बेटा होना चाहिए। हमारी आबादी घट रही है। बिहार में 7 जिला ऐसा है, जहां हमारी जनसंख्या घट रही है। जनसंख्या नियंत्रण के नियम को बदलना होगा, तभी हमारी बेटियां सुरक्षित रहेंगी नहीं तो हमें भी पाकिस्तानी की तरह अपनी बेटियों को पर्दे में बंद करना होगा।

माना जा रहा है कि गिरिराज सिंह जिन जिलों की बात कर रहे थे, उनमें किशनगंज, अररिया जैसे जिले शामिल है, जहां मुस्लिम आबादी हिंदुओं की तुलना में तेजी से बढ़ रही है।

गिरिराज स‌िंह ने कहा कि हम ‘जंबूद्वीप’ और ‘आर्यावर्त’ को खो चुके हैं, अगर जनसंख्या नीति में तत्काल बदलाव नहीं किया गया तो हम ‘ब्रह्मवर्त’ को भी खो देंगे। उल्लेखनीय है कि जंबूद्वीप, आर्यावर्त और ब्रह्मवर्त आदि को भारत का पुराना नाम माना जाता है। गिरिराज ने साधू और संतों से धर्म बचाने की अपील भी की और कहा कि संस्कृति यात्रा वर्ष भर होनी चा‌हिए।

उल्लेखनीय है कि 2014 में लोकसभा चुनाव के दौरान झारखंड में एक रैली में गिरिराज सिंह ने कहा था कि जो लोग मोदी की आलोचना कर रहे हैं, उन्हें पाकिस्तान भेज देना चाहिए। पिछले साल एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वे कह रहे थे कि राजीव गांधी अगर गोरी सोनियां गांधी के बजाय किसी नाइ‌जीरियाई महिला से शादी करते तो क्या कांग्रेस उन्हें भी अध्यक्ष स्वीकार करती।

‌गिरिराज सिंह के बयान के बाद बुधवार को राजद के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज झा ने कहा कि गिरिराज सिंह जैसे नेताओं को अनिवार्य रूप से जनसंख्या विज्ञान का क्रैश कोर्स कराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गिरिराज सिंह जैसे नेताओं के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की समाज को बांटने वाली राजनीति बिना विपक्ष की कोशिशों के सामने आ जाती है।

जनसंख्या नीति नहीं बदली तो बेटियां होंगी असुरक्षित: गिरिराज

| उत्तर प्रदेश | 0 Comments
About The Author
-