नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने विपक्षी दलों की मांग पर केंद्र सरकार को पत्र भेजकर बजट की तारीख आगे बढ़ाने पर उनका विचार पूछा है। इसके लिए ईसी ने कैबिनेट सचिव प्रदीप सिन्हा को पत्र भेजा है और 10 जनवरी तक जवाब देने को कहा है।

विपक्षी दलों की मांग है कि बजट 8 मार्च के बाद पेश किया जाना चाहिए। यानी पांचों राज्यों में विधानसभा चुनाव की वोटिंग होने के बाद। केंद्र सरकार का रुख जानने के बाद ही चुनाव आयोग आगे कोई फैसला लेगा।

इससे पहले विपक्षी पार्टियों का एक दल तीनों इलेक्शन कमीश्नर, नसीम जैदी, ओपी रावत और एके जोटी से मिलने पहुंचा था। इसमें कांग्रेस केे गुलाम नबी आजाद भी शामिल थे।

4 जनवरी को खबर आई थी कि कांग्रेस समेत 16 बड़ी विपक्षी पार्टियों ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर कहा था कि केंद्र सरकार तय वक्त से पहले बजट लाकर यूपी समेत पांच राज्यों में होने वाले चुनाव में फायदा लेना चाहती है।

विपक्षी पार्टियों का मानना है कि सरकार लोगों को रिझाने वाली स्कीम्स लाकर चुनावी फायदा लेना चाहती है। पत्र में आगे कहा गया था कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए सरकार को जल्दी बजट लाने से रोका जाना चाहिए।

हालांकि, केंद्र सरकार इस समय बजट पेश करने के लिए प्रतिबद्ध लग रहा है। शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री एम वेंकैया नायडू ने विपक्ष की मांग को ‘जनविरोधी’ बताया और कहा कि बजट राज्य विशिष्ट नहीं बल्कि देश के लिए है।

चुनाव आयोग ने मांगा बजट की तारीख बढ़ाने पर केंद्र सरकार से जवाब

| उत्तर प्रदेश | 0 Comments
About The Author
-