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तमिलनाडु के युवाओं को पैसे कमाने के लिए फिलहाल कोई खास मेहनत नहीं करनी पड़ रही। गर्मी के मौसम में छात्रों को महज राजनीतिक पार्टियों के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए 200 से 1200 रुपए तक दिए जा रहे हैं। साथ ही उनके खाने-पीने और आने जाने की भी व्यवस्था की जा रही है।

राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर में चुनाव प्रचार तेज हो गए हैं और इस दौरान भीड़ जुटाने के तरीकों पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है। भीड़ जुटाने की इस होड़ में सबसे ज्यादा फायदा छात्रों को हो रहा है। तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के लिए एक महीने से भी कम का समय बचा है। इसको देखते हुए सभी बड़ी पार्टियों ने अपने जिला सचिवों को कम से कम 20 हजार की संख्या में भीड़ जुटाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।

भीड़ जुटाने की इस होड़ में स्थानीय लोगों को काफी फायदा हो रहा है। उन्हें खाने के साथ साथ पैसे भी दिए जा रहे हैं। इसके अलावा रैली स्थलों तक ले जाने के लिए गाड़ियों की भी उचित व्यवस्था की जा रही है। इस दौरान कई आउटसोर्सिंग कंपनियों का भी सहारा लिया जा रहा है जो भीड़ जुटाने में पार्टियों की मदद कर रही हैं।

कुछ ऐसे इवेंट मैनेजर जिन्हें राजनीतिक इवेंट कराने का अनुभव है उन्हें किराए पर भीड़ जुटाने के लिए ठेके भी दिए जा रहे हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक बीजेपी के राज्य कोषाध्यक्ष एसआर शेखर ने बताया कि उनसे भी एक ऐसे ही इवेंट ऑर्गनाइजर ने संपर्क किया था जो रैलियों में भीड़ जुटाने के लिए ऑफर दे रहे थे।

शेखर ने बताया कि इवेंट मैनेजिंग कंपनी के लोगों ने एक ब्रोसर के साथ उनसे संपर्क किया था जिसमें प्रति व्यक्ति उनका रेट तय किया गया था। ब्रोसर में एक 600 रुपए प्रति व्यक्ति, महिलाओं के लिए 800 और छात्रों के लिए 1200 रुपए का शुल्क निर्धारित किया गया था जो कि आवश्यकता और सप्लाई के आधार पर काम कर रही थी।

कोषाध्यक्ष ने बताया कि कंपनियां चेन्नई के भीतर 10 हजार और शहर से बाहर करीब 5 हजार लोगों की भीड़ मुहैया कराने के लिए तैयार थी।

चुनावी रैलियों में 1200 रुपए में बुलाए जा रहे छात्र, पुरुषों और महिलाओं के अलग रेट

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