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30 जनवरी 1948 में हुई महात्मा गांधी की हत्या की जांच और इसके पीछे साजिश का पता लगाने के लिए नया आयोग बनाने की मांग की गई है। इस संबंध में बॉम्बे हाईकोर्ट में लेखक, शोधकर्ता और मुंबई के अभिनव भारत के ट्रस्टी डॉ. पंकज फड़नीस ने एक जनहित याचिका दाखिल की है जिसमें कहा गया है कि गांधीजी को चार गोलियां लगी थीं और पुलिस ने हथियार से 4 गोलियां बरामद कर लीं थी तो चौथी गोली किसने चलाई। इसका पता लगाया जाना चाहिए। मुख्य न्यायाधीश डीएच वाघेला की अध्यक्षता वाली पीठ छह जून यानी आज इस याचिका पर सुनवाई करेगी।

लेकिन, इसके साथ ही गांधीजी की जिंदगी का एक सच ऐसा भी है जिसके बारे में बहुत कम लोगों को पता है। दरअसल यह बात भी गांधीजी की हत्या की साजिश से जुड़ी हुई है जो नाथूराम गोडसे द्वारा हत्या किए जाने के पहले ही रची गई थी। गांधीजी को मारने की साजिश नाथूराम गोडसे के पहले भी एक शख्स ने रची थी, लेकिन इसमें वह असफल रहा था। यह शख्स था अंग्रेज अफसर लॉर्ड इरविन, जिसे गांधीजी फूटी आंख नहीं सुहाते थे।

बहुत ही कम लोग जानते होंगे कि बापू अंग्रेजों को भी फूटी आंख नहीं सुहाते थे और उन्‍होंने गांधी जी को मारने की साजिश भी रची थी। निश्चित ही गांधी जी की हत्‍या के चलते गोडसे पूरे जमाने में प्रसिद्ध हो गया लेकिन अंग्रेजों द्वारा गांधीजी को मारने के लिए रची गई साजिश से उन्‍हें बचाने वाले एक देशभक्त बावर्ची के बारे में शायद ही कोई जानता होगा और यह भी बहुत ही कम लोग जानते होंगे कि उन्‍हें मारने की साजिश आखिर किस अंग्रेज ने रची?

 

गोडसे के अलावा एक और शख्स ने रची थी गांधी जी को मारने की साजिश

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