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गुलबर्ग सोसाइटी हत्याकांड मामले में अदालत सभी 24 दोषियों के खिलाफ सजा का ऐलान 9 जून को करेगी। इससे पहले 2 जून को विशेष अदालत के न्यायाधीश पीबी देसाई ने इस मामले में 24 आरोपियों को दोषी ठहराया था। इस मामले में 66 को आरोपी बनाया गया था जिनमें से 6 की मौत सुनवाई के दौरान ही हो चुकी थी।

अभियोजन पक्ष मामले में हत्या के आरोप में दोषी करार दिए गए 11 लोगों के लिए मृत्युदंड की मांग कर सकता है, जबकि बचाव पक्ष उम्रकैद की सजा सुनाने की मांग कर सकता है। मामले में अन्य 13 को छोटे आरोपों के लिए दोषी करार दिया गया है। इनमें विहिप के नेता अतुल वैद्य भी शामिल हैं।

ज्ञात हो कि 27 फरवरी 2002 को गोधरा स्टेशन पर साबरमती एक्सप्रेस के कोच संख्या एस-6 में भीड़ ने आग लगा दी थी। इस घटना में 58 कारसेवक मारे गए। इसके एक दिन बाद 28 फरवरी को गुलबर्ग सोसायटी पर हमला हुआ था। हमले में कांग्रेस के पूर्व सांसद एहसान जाफरी सहित 69 लोग मारे गए थे।

फैसला आने के बाद हमले में मारे गए कांग्रेस नेता एहसान जाफरी की पत्‍नी जाकिया जाफरी ने नाखुशी जताई थी। उन्होंने कहा था, 24 लोगों को दोषी माने जाने से वो खुश हैं लेकिन संतुष्‍ट नहीं। 36 लोगों को छोड़ दिया गया और इसके खिलाफ वो आगे की अदालत में अपील करेंगी।

66 गिरफ्तार, 335 गवाह, 3000 दस्तावेज

  • सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठित एसआइटी ने गुलबर्ग सोसायटी मामले में 66 लोगों को गिरफ्तार किया।
  • गिरफ्तार लोगों में नौ जमानत पर हैं, जबकि शेष 14 वर्षों से सलाखों के पीछे हैं। एसआइटी ने मामले में 335 गवाह व 3000 दस्तावेज पेश किए।
  • अहसान जाफरी मूल रूप से मप्र के बुरहानपुर के रहने वाले थे। आपातकाल के बाद हुए लोकसभा चुनाव में वह सांसद चुने गए थे।
  • गहन जांच के बाद एसआईटी ने अप्रैल 2012 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को यह कहते हुए क्लीन चिट दे दी थी कि इस घटनाक्रम में मोदी का कोई रोल ही नहीं था।
  • गुलबर्ग सोसायटी हत्याकांड के दौरान कुछ लोगों ने दूसरे धर्म के लोगों की जान बचाई थी। धर्मेश शुक्ला व कपिल मिश्रा ने कई मुस्लिम परिवारों की मदद की तथा कुछ महिलाओं व बच्चों को अपने घर में पनाह भी दी। लेकिन 2008 में एसआईटी ने उन्हें भी आरोपी बना डाल दिया।
  • शुक्ला आज बेरोजगार हैं, उनका विवाह भी नहीं हो पा रहा है। दंगों के 6 माह पहले ब्याहे गए कपिल का तलाक हो गया है। दोनों पर एक युवक की हत्या का आरोप है, लेकिन मारे गए युवक के पिता अबु खान का कहना है कि उसने शुक्ला व मिश्रा को बेटे की हत्या करते नहीं देखा।

गुलबर्ग सोसायटी हत्याकांड में अब 9 जून को होगा सजा का ऐलान

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