congress 23 08 2016

गुजरात में दलितों पर अत्याचार के खिलाफ कांग्रेस ने मंगलवार को सरकार के विरुद्ध सड़क से सदन (विधानसभा) तक मोर्चा खोला। ऊना में दलितों की पिटाई समेत उन पर अत्याचार की अन्य घटनाओं के खिलाफ कांग्रेसी विधायकों ने विधानसभा में जोरदार हंगामा किया। इसके चलते स्पीकर ने पार्टी के करीब 50 विधायकों को एक दिन के लिए निलंबित कर दिया। मंगलवार को मानसून सत्र का अंतिम दिन था।

उधर, कांग्रेस के हजारों कार्यकर्ताओं ने “दमनकारी” सरकार के खिलाफ जनाक्रोश रैली निकाली। इस दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेता शंकर सिंह वाघेला, भरत सिंह सोलंकी, शक्तिसिंह गोहिल, मधुसूदन मिस्त्री समेत करीब 400 लोगों को हिरासत में लिया गया। हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। विधानसभा का घेराव कर रहे कांग्रेस नेताओं की पुलिस व एसआरपी जवानों से झड़प भी हुई, जिसमें विधायक प्रवीण राठौड बेहोश हो गए। उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया।

इससे पहले विधानसभा में ऊना में 11 जुलाई को दलितों की पिटाई की घटना के खिलाफ कांग्रेसी विधायकों ने सदन में हंगामा कर कार्यवाही में बाधा डाली। मामले पर बहस के दौरान कांग्रेसी सदस्य वेल में आकर सरकार को दलित विरोधी बताने वाली तख्तियां लिए प्रदर्शन करने लगे। उन्होंने मंत्रियों की ओर चूड़ियां फेंकीं। स्पीकर रमनलाल वोरा ने उन्हें बार-बार चेतावनी दी, लेकिन वे शांत नहीं हुए। हंगामा जारी रहने के कारण स्पीकर ने मार्शलों को कांग्रेसी विधायकों को बाहर निकालने का आदेश दिया।

स्पीकर ने कहा, विपक्ष पूर्व नियोजित रणनीति के साथ सदन में आया था। वे दलितों की चिंता से अधिक इस मामले का राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे थे।

 

गुजरात में दलित मुद्दे पर कांग्रेस का सड़क से सदन तक विरोध

| उत्तर प्रदेश | 0 Comments
About The Author
-