buddha-at-sunset 13 10 2016

छुआछूत और जातिवादी उत्पीड़न से तंग आकर गुजरात के 212 दलितों ने बौद्ध धर्म अंगीकार कर लिया है। अहमदाबाद सहित तीन जगहों पर यह धर्म परिवर्तन किया गया।

महाराष्ट्र के नागपुर में भी 90 दलितों ने बौद्ध धर्म स्वीकार किया। गुजरात बौद्ध सोसायटी की ओर से अहमदाबाद के दाणीलीमड़ा में डॉ. अंबेडकर भवन में आयोजित दीक्षा समारोह में बौद्ध भिक्षु संघ के महामंत्री भदंत प्रज्ञाशील ने करीब 140 महिलाओं और पुरुषों को बौद्ध धर्म की दीक्षा दिलाई।

धोलका में 61 और सुरेंद्रनगर में 11 लोगों ने दीक्षा ली। नागपुर में सामाजिक संस्था नवसर्जन की मुख्य ट्रस्टी मंजुला प्रदीप के साथ देशभर के 90 लोगों ने बौद्ध धर्म अपनाया।

ऊना के मोटा समढियाला में जुलाई में दलित युवकों से कथित गौरक्षकों की मारपीट के बाद से गुजरात के दलित समुदाय में अस्पृश्यता व जातिवादी उत्पीड़न को लेकर रोष है।

बौद्ध सोसायटी के सदस्य व दलित साहित्यकार पीजी ज्योतिकर ने कहा कि 1956 को विजयदशमी के दिन डॉ. भीमराव अंबेडकर ने बौद्ध धर्म अंगीकार किया था, इसलिए देशभर में इस दिन दलित खासतौर पर धर्म परिवर्तन करते हैं।

सुरेंद्रनगर के जिला कलेक्टर उदय अग्रवाल ने हालांकि मामले से अनभिज्ञता जताई है, जबकि धर्म परिवर्तन के लिए जिला कलेक्टर से मंजूरी जरूरी है। धर्म परिवर्तन के बाद भी इन परिवारों को शैक्षिक संस्थानों व सरकारी नौकरियों में आरक्षण का लाभ यथावत मिलता रहेगा।

गुजरात के 212 दलितों ने स्वीकारा बौद्ध धर्म

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