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राजधानी लखनऊ में 8000 स्क्वॉयर फीट में बना अवैध निर्माण ध्वस्त करने के अगले ही दिन सपा विधायक रामपाल यादव का सीतापुर में बना होटल भी जमींदोज कर दिया गया।

रामपाल के बेटे व जिला पंचायत अध्यक्ष जितेंद्र यादव और नमन अग्रवाल की साझेदारी में बने स्पर्श होटल व मल्टीप्लेक्स को शुक्रवार को आधे से ज्यादा ढहा दिया गया।

इस बीच, एसीजेएम ज्ञान प्रकाश तिवारी ने रामपाल समेत सभी नौ आरोपियों को न्यायिक हिरासत में 14 दिन के लिए जेल भेज दिया। वहीं, सपा ने भी कार्रवाई करते हुए रामपाल को पार्टी से बर्खास्त कर दिया।

एडीएम सर्वेश दीक्षित की अगुवाई में सीतापुर में शुक्रवार सुबह 11 बजे पहुंचे प्रशासनिक अफसरों ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। करीब दो घंटे तक चार बुल्डोजर एक साथ चला कर भवन की सजावट, गेट, टिनशेड आदि को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। शाम छह बजे तक होटल की आधी बिल्डिंग ध्वस्त कर दी गई।

बिसवां विधायक रामपाल के अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई बृहस्पतिवार से ही शुरू हो गई थी। वहां देर रात तक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई चलती रही।

सपा प्रदेश अध्यक्ष व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने विधायक रामपाल यादव को अनियमितताओं व अवैधानिक कामों में लिप्त रहने और पार्टी की छवि खराब करने के कारण सपा से निष्कासित कर दिया है।

शुक्रवार को दिल्ली से लौटते ही अखिलेश ने उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। चार माह में यह दूसरी बार है जब उन्हें पार्टी से बाहर किया गया है।

बृहस्पतिवार को ही लखनऊ में उनके खिलाफ अवैध रूप से बने कॉम्प्लेक्स को ढहाने के बाद की उन पर कार्रवाई की अटकलें चल रही थीं।

सपा विधायक रामपाल यादव, उनके समधी पूर्व विधायक राजेंद्र यादव सहित सभी नौ आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

सभी के खिलाफ बृहस्पतिवार को राजधानी के गौतमपल्ली थाना में हत्या के प्रयास, बलवा, सरकारी कार्य में बाधा समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया गया था। इन सभी ने जियामऊ में अवैध कॉम्प्लेक्स ढहाने के दौरान जमकर उपद्रव किया था।

शुक्रवार को इन्हें एसीजेएम ज्ञान प्रकाश तिवारी की कोर्ट में पेश किया गया गया था। कोर्ट ने सभी आरोपियों की जमानत व रिमांड निरस्तीकरण की अर्जी भी खारिज कर दी।

इससे पूर्व पुलिस लाइन से गौतमपल्ली पुलिस ने विधायक और पूर्व विधायक सहित जितेंद्र, शिवेंद्र, पुष्पेंद्र, शिवकुमार, गगन उर्फ अभिषेक, तौकीर अहमद और भारती यादव को कड़ी सुरक्षा में अदालत में पेश किया।

जियामऊ में अवैध कॉम्प्लेक्स को एलडीए द्वारा ध्वस्त किए जाने के दौरान गुंडागर्दी और उपद्रव के आरोप में गिरफ्तार समाजवादी पार्टी के विधायक रामपाल यादव ने साजिश का शिकार होने की बात कही है।

कोर्ट परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए विधायक ने कहा कि पंचायत चुनाव के दौरान सरकार में उनके समीकरण गड़बड़ा गए थे। पार्टी ने दूसरे व्यक्ति को टिकट दे दिया, जबकि उन्होंने अपने बेटे को मैदान में उतार दिया था। इसका ही खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा है।

पार्टी के कुछ लोगों ने इसका फायदा उठाते हुए उनके खिलाफ साजिश रचनी शुरू कर दी। ऊपर के लोगों को गुमराह किया। ऊपर के प्रेशर के चलते ही जियामऊ में उनका निर्माण ढहा दिया गया।
एसआरएस यादव के पैर नहीं छुए, इसलिए बनाया निशाना

विधायक रामपाल यादव ने पूरे प्रकरण का ठीकरा पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एसआरएस यादव पर फोड़ते हुए कहा कि उनके पैर नहीं छुए, इसलिए निशाना बना डाला। विधायक ने कहा कि एसआरएस यादव इसी बात से चिढ़ते थे और पार्टी में उन्हें अलग-थलग करने की साजिश उन्होंने ही रची।

 

कॉम्प्लेक्स ढहाने की कार्रवाई के पीछे विधायक रामपाल यादव ने सीतापुर में 2 मई को आयोजित होने वाले मुस्लिम सम्मेलन को मूल वजह बताया है। उन्होंने कहा कि सीतापुर में करीब 24 प्रतिशत आबादी मुस्लिम है।

उसे पार्टी में प्रतिनिधित्व नहीं मिला। न किसी को टिकट दिया गया, न ही राज्यमंत्री का दर्जा या अन्य पद मिले। जिले की राजनीति में मुस्लिमों की भागीदारी शून्य है। इसलिए उनका हक दिलाने के लिए एक संस्था यह सम्मेलन करा रही है।

मैंने इस सम्मेलन का समर्थन किया। यह कुछ लोगों को रास नहीं आ रहा, जबकि यह सम्मेलन पार्टी विरोधी कतई नहीं है। विधायक ने कहा कि वह भले जेल जा रहे हैं, लेकिन सम्मेलन को उनका पूरा समर्थन रहेगा।

पार्टी से मिला टिकट तो निर्दलीय लड़ेंगे
विधायक ने कहा कि अगले विधानसभा चुनाव में पार्टी से टिकट नहीं मिला, तो वह निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे। अब फैसला सीतापुर की जनता को करना है। उन्होंने कहा कि जनता के बीच जाएंगे। जैसा जनता चाहेगी, लोगों की बात ऊपर तक पहुंचाएंगे। अब वही होगा, जो जनता चाहेगी।

गुंडई करने वाले समर्थकों संग जेल गए रामपाल, अखिलेश ने किया पार्टी से बाहर

| उत्तर प्रदेश, लखनऊ | 0 Comments
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