यूपी में विधानसभा चुनाव से पहले प्रियंका गांधी और यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की कई बार बातचीत के बाद आखिर में दोनों पार्टियों ने साथ मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया। इसके बाद तय हुआ कि समाजवादी पार्टी कांग्रेस को यूपी में 105 सीटें देगी। इस पर कांग्रेस भी तैयार हो गई। कांग्रेस को अपने गढ़ रायबरेली और अमेठी के साथ भी समझौता करना पड़ा इन दोनों लोकसाभा क्षेत्रों की भी आधी सीटें समाजवादी पार्टी को देनी पड़ीं।

अमेठी विधानसभा सीट कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र में पड़ती है। गायत्री प्रजापति कुछ समय पहले ही एक रैली में अखिलेश यादव के साथ मंच पर दिखे थे। कांग्रेस इस सीट पर संजय सिंह की दूसरी पत्नी अमीता सिंह को चुनाव लड़ाना चाहती थी। संजय सिंह को अमेठी का राजा भी कहा जाता है।

कांग्रेस के अमेठी और रायबरेली के स्थानीय नेताओं की शिकायत है कि यहां समाजवादी पार्टी के साथ समझौता नहीं करना चाहिए। यह कांग्रेस की इज्जत का सवाल है। इसके लिए कांग्रेस को समाजवादी पार्टी से दोबारा बात करनी चाहिए। अमेठी की इसी सीट से बीजेपी ने संजय सिंह की पहली पत्नी गरिमा सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है।

बता दें कि अखिलेश ने प्रजापति को खनन घोटाले में कथित संलिप्ता के कारण उन्हें खनन मंत्री के पद हटा दिया था लेकिन बाद में पिता मुलायम सिंह यादव के हस्तक्षेप के बाद उन्हें मंत्रिमंडल में वापस ले लिया गया था। एसपी में ‘साइकिल’ की जंग जीतने और कांग्रेस के साथ यूपी में गठबंधन के बाद सीएम अखिलेश ने हाल ही में सुल्तानपुर से चुनावी बिगुल फूंका। सुल्तानपुर की चुनावी रैली में प्रजापति सीएम की बगल बैठे थे। अखिलेश ने इस रैली में एसपी-कांग्रेस गठबंधन के 300 सीटें जीतने का दावा किया।

गायत्री प्रजापति का टिकट छिनवाएंगी प्रियंका गांधी

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