यूपी कांग्रेस के प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने सपा के साथ गठबंधन को लेकर पत्रकारों के सवाल पर गुलाम नबी आजाद ने कहा कि पहले उनका झगड़ा तो सुलझे, तब देखा जाएगा।

उन्होंने कहा, सभी धर्मनिरपेक्ष दलों का कांग्रेस पर दबाव है। लेकिन गठबंधन होगा या नहीं, यह फैसला तो हाईकमान के स्तर पर होगा। हम तो 403 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं।

वहीं, विधानसभा चुनाव में भाजपा को घेरने के लिए कांग्रेस ने नोटबंदी और किसानों से जुड़े मुद्दों को हथियार बनाने का फैसला किया है।

नोटबंदी के खिलाफ आयोजित होने वाले जनाक्रोश आंदोलन की रणनीति पर बुधवार को कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी गुलाम नबी आजाद और प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने चर्चा की। इसमें सात जनवरी को सभी जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजने का फैसला हुआ।

माल एवेन्यू स्थित पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित बैठक में मुख्य अतिथि के तौर पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए गुलाम नबी ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोक सभा चुनाव में जनता को दिवास्वप्न दिखाकर भ्रमित किया।

आजाद बोले कि अब विधान सभा चुनाव में प्रदेश की जनता से झूठे वादे किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नोटबंदी का सबसे ज्यादा असर किसान, मजदूर, बेरोजगार, नौकरी-पेशा, महिलाओं व छोटे व्यापारियों पर पड़ा है।

नोटबंदी के खिलाफ कांग्रेस ने दो तरह के आंदोलन करेगी। सात जनवरी को सभी जिला मुख्यालयों पर पार्टी के सभी संगठन धरना-प्रदर्शन कर डीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजेंगे।

वहीं नौ जनवरी को महिला कांग्रेस कार्यकर्ता धरना-प्रदर्शन कर लोगों को भाजपा के खिलाफ जागरूक करेंगी। कार्यकर्ताओं से चुनाव की तैयारी में जुटने का आह्वान करते हुए गुलाम नबी ने कहा कि कांग्रेस अपने सिद्धांतों पर ही चुनाव लड़ेगी।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजबब्बर ने कहा कि अभी से चुनाव जीतने का रास्ता तय करना होगा। उन्होंने नोटबंदी समेत अन्य मुद्दों पर जनता को जागरूक करने और कांग्रेस के कार्यकाल की उपलब्धियां बताने का सुझाव कार्यकर्ताओं को दिया। इस मौके पर डॉ. निर्मल खत्री ने कहा कि नोटबंदी जैसे बड़े मुद्दे को भाजपा के खिलाफ खड़ा करना होगा।

जल्द जारी होगी प्रत्याशियों की सूची: राजबब्बर
बैठक के बाद राजबब्बर ने कहा कि पार्टी का प्रयास होगा कि प्रत्याशियों की सूची जल्द जारी कर दी जाए। उन्होंने बताया कि पार्टी द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षकों ने प्रत्याशियों के संबंध में अपनी रिपोर्ट दे दी है। बृहस्पतिवार से शुरू हो रही चयन समिति की बैठकों में प्रत्याशियों के नाम पर चर्चा होगी।

गठबंधन के लिए कांग्रेस कर रही सपा में सुलह का इंतजार

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