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आईपीएल की सबसे खतरनाक टीम मानी जा रही टीम आरसीबी फाइनल में बेहद कमजोर दिखाई दी और मैच हार भी गई।

गेंदबाजी के बजाय बल्लेबाजी को ज्यादा तवज्जो देना: बंगलुरू की तेज विकेटों वाली पिच पर आरसीबी हर बार पहले क्षेत्ररक्षण ही चुनती आई है। लगातार जीत और मजबूत बल्लेबाजी के दम पर कप्तान अपनी टीम में गेंदबाजी नहीं बल्लेबाजी को ज्यादा तवज्जो देने लगे थे। इसका खामियाजा यह हुआ कि फाइनल में गेंदबाजी फ्लॉप साबित हुई। वहीं, इसके उलट सनराइजर्स के गेंदबाजों ने कसी हुई गेंदबाजी की।

खराब फिल्डिंग: आरसीबी के गेंदबाजों का मनोबल उनके फिल्डरों ने गिराया। फिल्डरों ने कई मौकों पर एक रन के बजाय दो रन जाने दिए, और तो और जहां बल्लेबाज को सिंगल भी नहीं मिलना चाहिए था, वहां भी ढ़िलाई बरती। हालांकि सनराइजर्स की ओर से कुछ कैच जरूर छोड़े गए लेकिन उनकी टीम के गेंदबाजों ने आरसीबी के बल्लेबाजों को हाथ खोलने के लिए ज्यादा स्पैस नहीं दिया।

डेथ ओवरों में बहुत रन लुटाए: आरसीबी की फ्लॉप गेंदबाजी का आलम यह रहा कि आखिरी तीन ओवरों में सनराइजर्स हैदराबाद के बल्लेबाजों ने 52 रन बना डाले। बेन कटिंग ने 15 गेंदों में 39 रन ठोंककर आरसीबी के लिए मुश्किलें बल्लेबाजी में आने से पहले ही बढ़ा दी थी।अच्छी ओपनिंग का नहीं ले पाया फायदा: आरसीबी की जवाबी बल्लेबाजी शानदार रही। क्रिस गेल और कप्तान विराट कोहली ने पहले विकेट के लिए 114 रनों की शतकीय साझेदारी की। लेकिन बाद के बल्लेबाज नहीं चले। गेल के आउट होने के बाद विराट कोहली को एबी डीविलियर्स के साथ क्रीज पर बने रहना चाहिए था, लेकिन वह अपना विकेट गंवा बैठे। वही गलती एबी ने की और फिर शेन वॉटसन ने। टीम को इसका खामियाजा हार से भुगतना पड़ा।

 

ओवर कांफिडेंस: आरसीबी को सनराइजर्स हैदराबाद की गेंदबाजी और बल्लेबाजी नहीं अपने ओवर कांफिडेंस ने भी हराया। टूर्नामेंट में लगातार अजेय चल रही आरसीबी फाइनल से पहले यह निश्चिंत कर चुकी थी कि अपने होमग्राउंड में होने वाला फाइनल मुकाबला वह ही जीतेगी। इसका उदाहरण मैच के दौरान देखने को मिला। क्षेत्ररक्षण के दौरान आरसीबी के फिल्डर एकएक रन बचाने के लिए मेहनत करते हुए नहीं दिखे। इसके अलावा गेंदबाजी में भी उनका प्रदर्शन पिछले मुकाबलों से कमतर ही था।

खतरनाक टीम RCB क्यों हारी फाइनल

| उत्तर प्रदेश | 0 Comments
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