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कोल्‍लम में हुए हादसे के अगले दिन ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का तिरुअनंतपुरम मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में भर्ती घायलों से मिलना अनुचित था। यह बात केरल के एक शीर्ष अधिकारी ने कही है। आपको बताते चले कि कोल्‍लम में बिना प्रशासन की अनुमति के हो रही आतिशबाजी के दौरान आग लगने से 113 लोगों की मौत हो गई थी और सैंकड़ों लोग घायल हो गए थे।

हादसे के बाद घायलों का इलाज तिरुअनंतपुरम मेडिकल कॉलेज के आईसीयू वार्ड में चल रहा था। केरल के डीजीपी पहले ही यह बात कह चुके हैं कि सुरक्षा कारणों के चलते वह नहीं चाहते थे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां का दौरा करें। पर प्रधानमंत्री के बहुत ज्यादा जोर देने पर उन्हें सारे इंतजाम करने पड़े। बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस उपाध्यक्ष दोनों ही अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि जिस समय वो अस्पताल दौरा करने पहुंचे, उस समय आठ में से सात मरीजों की हालत काफी गंभीर थी।

अब केरल के स्वास्‍थ्य सेवाएं ‌निदेशायल के‌ निदेशक आर रमेश  ने डायरेक्‍टर ऑफ हेल्‍थ सर्विसेज (DHS) आर रमेश ने द इंडियन एक्‍सप्रेस से बातचीत में बताया कि जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे इन लोगों के शरीर 60 से 90 फीसदी तक जल गए थे।

रमेश ने कहा कि ‘जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंचे तो मेरे साथ धक्‍कामुक्‍की हुई। सुरक्षा में लगे लोगों से बहस करने के बाद डायरेक्‍टर ऑफ मेडिकल एजुकेशन और मुझे अपने कमरों में लौटना पड़ा। एक ऐसे अस्‍पताल, जहां जले हुए शरीरों और झुलसे मरीजों का जमावड़ा लगा हो, वीवीआईपी लोगों का ऐसे समय पर आना अनुचित था। अगर वे हादसे के कुछ घंटों के भीतर आने के बजाए दो या तीन दिन बाद आते तो हमें कोई समस्‍या नहीं थी।

हादसे के बाद कोल्‍लम से 70 किलोमीटर दूर स्‍थ‍ित तिरुअनंतपुरम अस्‍पताल में रविवार को जब मोदी पहुंचे तो उनके साथ राज्‍य भाजपा के अध्‍यक्ष के राजशेखरन, पार्टी के वरिष्ठ नेता ओ राजागोपाल और क्रिकेटर एस श्रीसंथ भी मौजूद थे। श्रीसंथ अगले महीने होने वाले चुनाव में बतौर भाजपा उम्मीदवार केरल से चुनाव लड़ रहे हैं। इसी दिन शाम को जब राहुल गांधी पहुंचे तो उनके साथ केपीसीसी भाजपा के अलावा केरल के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री वीएस शिवकुमार थे।

नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर हॉस्‍पिटल की एक नर्स ने द इंडियन एक्‍सप्रेस से बताया कि सर्जिकल विंग में काम करने वाली उसे और चार अन्‍य कर्मचारियों को पीएम की सुरक्षा में लगे लोगों ने ऑपरेशन थिएटर में घुसने से रोक दिया था। नर्स ने बताया कि आईसीयू में भर्ती एक मरीज को अचानक से समस्‍या हुई और हम दूसरे ब्‍लॉक से वहां जा रहे थे। लेकिन उन लोगों ने हमें तीस मिनट तक रोके रखा।

एक डॉक्‍टर ने भी बताया कि सर्जरी और ऑथोपेडिक्‍स के एक रेजिडेंट डॉक्‍टरों को सुपर स्‍पेशियिलिटी ब्‍लॉक के करीब राहुल गांधी के सुरक्षाकर्मियों ने आधे घंटे तक रोके रखा। डॉक्‍टर के मुताबिक, सुरक्षाकर्मियों ने न केवल लिफ्ट बल्‍क‍ि सीढि़यों को भी ब्‍लॉक कर रखा था।

रमेश का कहना है कि उन्‍होंने इनमें से कुछ घटनाओं को अपनी आंखों से देखा। रमेश ने कहा कि आईसीयू में डॉक्‍टर और नर्स मास्‍क और कैप पहनते हैं। वे अतिरिक्‍त सावधानी बरतते हैं क्‍योंकि एक छोटी सी गलती भी सीरियस इन्‍फेक्‍शन या मौत की वजह बन सकती है। लेकिन इन वीआईपी और उनके करीबियों को इससे कोई मतलब नहीं था। कैमरों के सामने उन्‍होंने मरीजों को छुआ भी। रमेश का यह भी कहना है कि वीआईपी के दौरों को रोकने के लिए कुछ नियम बनने चाहिए।

 

कोल्लम हादसा: पीएम मोदी और राहुल गांधी के आने से प्रभावित हुआ राहत कार्य

| उत्तर प्रदेश | 0 Comments
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