कोटा में कोचिंग छात्रों की आत्महत्याओं और हाल में एक बिहारी छात्र की हत्या के बाद होस्टल संचालकों पर भी सख्ती शुरू हो गई है। कोटा प्रशासन ने होस्टल संचालकों के लिए नियम बना दिए हैं और हर होस्टल संचालक के लिए इन नियमों की पालना जरूरी होगी, अन्यथा प्रशासन की तरफ से कार्रवाई की जाएगी।

कोटा में करीब डेढ़ लाख कोचिंग छात्र रहते हैं जो देश के विभिन्न हिस्सों से यहां पढ़ने आए है।

इन कोचिंग छात्रों के लिए कोटा में घर-घर में होस्टल खुले हुए हैं। अब तक इनके लिए कोई नियम कानून नहीं थे। लोग अपने घरों में अतिरिक्त कमरे बना कर होस्टल चला रहे थे, लेकिन हाल में हुई घटना के बाद प्रशासन ने इनके लिए भी नियम बना दिए है। होस्टल संचालकों को प्रशासन की तरफ से तय किए नियम तो बताने ही होंगे साथ ही वहां रह रहे छात्रों पर भी नजर रखनी होगी और उनके व्यवहार में किसी तरह का परिवर्तन दिखे तो उसके बारे में छात्र के परिजन को सूचित करना होगा प्रशासन के अधिकारी इन होस्टलों का औचक निरीक्षण करेंगे और नियमों का उल्लंघन करने वाले पर कार्रवाई होगी। इसके अलावा कोई खुदकुशी या दुर्घटना होने पर होस्टल संचालक को भी जांच के दायरे में लिया जाएगा।

यह बनाए गए हैं नियम

– हर होस्टल का रजिस्ट्रेशन कराना होगा।

– रहने वालों के लिए बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था करनी होगी।

– सिक्योरिटी गार्ड लगाने होंगे।

– आने और जाने का समय तय करना होगा।

– लड़कियों के होस्टल में पूरा स्टाफ महिलाओं का ही होगा।

– कोई बच्चा लम्बे समय से गायब है तो उसकी सूचना परिजनों को देनी होगी।

– पुलिस हेल्प लाइन और डॉक्टर के नम्बर प्रदर्शित करने होंगे।

– आग बुझाने के उपकरण, हवा और पानी की पूरी व्यवथा करना होगी।

– जो छात्र होस्टल छोड़कर जा रहा है उसे तीन दिन में सिक्योरिटी राशि लौटानी होगी।

 

कोटा में होस्टल संचालकों पर शुरू हुई सख्ती

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