भारतीय वन सेवा (आईएफएस) के अधिकारी संजीव चतुर्वेदी को दिल्ली सरकार में प्रतिनियुक्ति नहीं दिए जाने पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हैरानी जाहिर की है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिठ्ठी लिखकर संजीव को दिल्ली सरकार में नियुक्त करने की मांग फिर की है। वे संजीव को अपना ओएसडी बनाना चाहते हैं।

संजीव उत्तराखंड कैडर के वर्ष 2002 बैच के आईएफएस अधिकारी हैं। 3 जुलाई को प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में केजरीवाल ने कहा है कि संजीव दिल्ली सरकार में प्रतिनियुक्ति के लिए सभी योग्यता को पूरी करते हैं। उत्तराखंड सरकार और केंद्रीय पर्यावरण व वन मंत्रालय भी इसके लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र दे चुका है। इसके बाद भी उन्हें दिल्ली सरकार में नहीं भेजने का फैसला करना निराशाजनक है।

केजरीवाल ने चिठ्ठी में लिखा है कि देश में स्थापित परंपरा रही है कि जब भी किसी राज्य के मुख्यमंत्री या मंत्री ने निजी स्टाफ के लिए किसी अधिकारी की मांग की है तो उसकी नियुक्ति जरूर हुई है। राजनीतिक मतभेद कभी आड़े नहीं आया। मुझे यह जानकर हैरानी हुई कि प्रतिनियुक्ति पर फैसला लेने में 16 महीने की देरी व चार बार कोर्ट के आदेश के बावजूद नियुक्ति संबंधि कैबिनेट कमेटी (एसीसी) ने प्रतिनियुक्ति के आग्रह को ठुकरा दिया।

केजरीवाल ने संजीव को ईमानदार अधिकारी बताते हुए पत्र में केंद्र पर निशाना भी साधा है। उन्होंने यह आरोप लगाया, केंद्र सरकार संजीव की क्षमता का सही इस्तेमाल नहीं कर पाई। दिल्ली सरकार को इस ईमानदार अधिकारी की जरूरत हैं। दिल्ली के लोगों की सेवा के लिए उन्हें अपना ओएसडी बनाना चाहता हूं। इसलिए उन्हें दिल्ली सरकार में प्रतिनियुक्ति पर विचार करें।

ऐसा करना दिल्ली के लोगों के हित में होगा। अगस्त, 2014 में संजीव को एम्स के मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) पद से हटा दिया गया था। इस फैसले को लेकर काफी विवाद हुआ।

केजरी ने फिर की संजीव को ओएसडी बनाने की मांग

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