यह सवाल उठ रहा था कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) इतनी जल्दी में क्यों है कि वह एक ही दिन में विजय माल्या 1,411 करोड़ रुपए की संपत्ति सील करना चाहता था? इसका जवाब है माल्या की चालाकी। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, शराब कारोबारी विजय माल्या जो इस समय लंदन में हैं, उन्होंने ईडी द्वारा शनिवार को अपनी संपत्ति सील करने से पहले ही करोड़ों रुपए में अपनी दो संपत्तियों को बेच दिया था।

माल्या द्वारा बेची गई दो संपत्तियों में से एक कर्नाटक के कुर्ग में स्थित है, जबकि दूसरी संपत्ति भी इसके नजदीक ही है। प्रवर्तन निदेशालय यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि क्या माल्या ने बिक्री से पैसा प्राप्त किया या यह पैसा विदेशों में स्थित माल्या की कंपनियों को भेजा गया था। एजेंसी को इस बात की जानकारी अपनी जांच के दौरान प्राप्त हुई।

माल्या को यह पता था कि बैंकों और जांच एजेंसियों की नजर उसकी संपत्ति पर है तो उन्होंने ईडी द्वारा संपत्ति सील करने से पहले ही इन्हें गुपचुप तरीके से बेच दिया। इसके बाद ईडी ने शुक्रवार को कोर्ट का दरवाजा खटखटाकर माल्या को एक ‘भगोड़ा अपराधी’ घोषित करवाया और शनिवार को धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत माल्या की संपत्तियों की को सील किया गया।

सूत्रों का कहना है कि ईडी के पास यह सूचना थी कि माल्या अपनी संपत्तियों को बेचने की कोशिश में हैं इसलिए जल्दी ही कुर्की की कार्रवाई की जा सकती है। अधिकारियों का कहना है कि माल्या द्वारा ऐसा करना गैर-कानूनी है। एक अधिकारी ने बताया, ‘माल्या द्वारा इस तरह की हरकतें करने से साफ है कि वह बैंकों का पैसा नहीं देना चाहते हैं और ना ही भारत लौटना चाहते हैं।’

एक ईमेल से भेजे गए जवाब में माल्या ने कहा है कि ईडी ने उनकी संपत्तियों के साथ ब्रेवरीज होल्डिंग्स लिमिटेड (यूबीएचएल) नाम की एक निजी क्षेत्र की कंपनी को भी सील कर दिया गया जो ईडी के जांच के क्षेत्र में ही नहीं आती है।

 

कुर्की से पहले बेच दी करोड़ों की संपत्ति

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