समाजवादी पार्टी में जारी घमासान के बीच अब पार्टी के चुनाव चिन्‍ह साइकिल पर किसकी दावेदारी रहेगी, इस बात का फैसला शुक्रवार को चुनाव आयोग करेगा। मुलायम और अखिलेश दोनों गुट आज आयोग के सामने अपना पक्ष रखेंगे। दरअसल चुनाव आयोग में दोनों धड़ों के दावों पर आज सुनवाई होने वाली है, जिसके बाद आयोग एक-दो दिन में अंतिम निर्णय सुना देगा।

चुनाव आयोग में समाजवादी पार्टी के नाम और चिह्न में थोड़ी ही देर में सुनावाई शुरू होने वाली है। सुनवाई के लिए मुलायम सिंह यादव और शिवपाल यादव चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंच चुकें है। अखिलेश यादव गुट की तरफ से रामगोपाल यादव, किरनमय नंद और नरेश अग्रवाल आयोग पहुंचे हैं।

चुनाव आयोग सुनवाई के दौरान कानूनी और तकनीकी विशेषज्ञों की राय लेगा। इसके बावजूद भी अगर स्थिति नहीं सुलझी तो आयोग समाजवादी पार्टी के नाम और निशान को जब्त कर दोनों दलों को नए नाम और निशान का विकल्प देगा। कानूनी दृष्टि से देखें तो दोनों ही पक्षों के दावों में कई ऐसे बिंदु हैं जिनका आयोग जवाब तलाश रहा है। मसलन मुलायम धड़े का दावा है कि राष्ट्रीय अधिवेशन अचानक नहीं बुलाया जा सकता। इसके लिए एक महीना पहले नोटिस जारी करना जरूरी है। इसके अलावा इस धड़े ने आयोग में नाम और निशान पर दावा जताते हुए कहा है कि चूंकि रामगोपाल यादव बर्खास्त कर दिए गए थे इसलिए उन्हें राष्ट्रीय अधिवेशन बुलाने का अधिकार नहीं है।

अगर चुनाव आयोग यह फैसला नहीं कर सका कि पार्टी के संगठन में किस धड़े का बहुमत है तो साइकिल चुनाव चिह्न पर रोक लग सकती है। उल्लेखनीय है कि दोनों धडे एक ही साथ साइकिल चुनाव चिह्न के साथ नहीं लड़ सकते। इसलिए चुनाव आयोग को इस संबंध में कोई फैसला करना होगा।

किसकी होगी ‘समाजवादी साइकिल’ आज हो सकता है फैसला

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