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लाहौर की कोट लखपत जेज में संदिग्ध हालात में मरे गुरदासपुर के गांव मुस्ताबाद सैंदा के किरपाल सिंह का शव मंगलवार को भारत पहुंचा। अटारी सीमा पर जैसे ही भारतीय कुली ताबूत को लेकर अपनी सीमा में दाखिल हुए, किरपाल का भाई रूपलाल तथा अन्य रिश्तेदार उससे लिपट कर रोने लगे।

किरपाल के शरीर में न तो दिल और न ही लीवर है। पाक रेंजर्स ने किरपाल के सामान की गठरी भी सौंपी। इसे बीएसएफ ने एसडीएम अमृतसर-दो राजेश शर्मा के हवाले कर दिया। इससे पहले शव का पाक में भी पोस्टमार्टम करवाया गया था। हालांकि उसकी रिपोर्ट में कारणों का खुलासा नहीं किया गया था।

देर शाम अमृतसर के सरकारी मेडिकल कालेज के फोरेंसिक विभाग में शव का फिर से पोस्टमार्टम करवाया गया। इसके बाद उसे बटाला के एसडीएम सौरभ अरोड़ा को दिया गया। कानूनी औपचारिकता पूरी करने के बाद किरपाल के भाई रूप लाल तथा भतीजे अश्वनी उसे लेकर गुरदासपुर रवाना हो गए।

लाहौर की कोट लखपत राय जेल में बंद भारतीय कैदी किरपाल सिंह उर्फ दीन मोहम्मद की 11 अप्रैल को मौत हो गई थी। उसके बाद उसके परिजन उसके शव को भारत लाने की मांग पर अड़े थे। शव की हालत देख किरपाल के परिजनों ने पाक के खिलाफ नारेबाजी कर अपने गुस्से का इजहार किया।

एसडीएम राजेश शर्मा के अनुसार किरपाल के शरीर में दिल और लीवर दोनों ही नहीं थे। पाक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारणों का खुलासा नहीं किया गया है। स्थानीय अस्पताल में पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टरों के बोर्ड के चेयरमैन डा. अशोक चानन्ना ने बताया कि किरपाल के शरीर पर चोट का कोई निशान नहीं है। बिसरे की केमिकल जांच के लिए पैथोलॉजी लैबोरेटरी खरड़ भेजा गया है।

किरपाल का शव भारत पहुंचा, लेकिन दिल और लीवर ‘पाक’ में

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