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यहां गंगा खतरे के निशान के करीब पहुंचकर घाटों से अब सड़कों तक आ गई है। शुक्रवार को अस्‍सी घाट पर स्थित 30 फीट ऊंचा ओपन हॉल गंगा में डूब गया। यहां मौजूद 2 लोगों ने हॉल की छत चढ़कर अपनी जान बचाई। यही नहीं, हालात ऐसे हैं कि सड़कों पर अब गाड़ी मोटर की जगह नावों का सहारा लिया जा रहा है। महाश्मशान की गलियों तक पहुंचा बाढ़ का पानी

– बाढ़ का पानी सैकड़ों साल पुराने महाश्मशान मणिकर्णिका घाट की गलियों तक पहुंच चुका है।
– ऐसे में अब घोड़दौल (जहां राजाओं के घोड़े बंधा करते थे) की छत पर लाश जलाई जा रही है।
– यहां के डोम ने बताया कि शव यात्रियों को चिता जलने वाली छत तक पहुंचने के लिए लकड़ी के पुल का सहारा लेना पड़ रहा है।

इस श्मशान घाट को कहते हैं तीर्थस्थल

– कहा जाता है कि मणिकर्णिका घाट विश्व का एक मात्र ऐसा श्मशान घाट है, जिसे तीर्थस्थल कहा जाता है।
– मां पार्वती मृत आत्मा को खुद आंचल में लेती हैं और भगवान शंकर तारक मंत्र देकर मोक्ष प्रदान करते हैं।
क्या कहती है केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट?

– आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, बारिश के चलते जलस्तर बढ़ गया है।
– डेंजर लेवल 71.26 मीटर है, जबकि शुक्रवार को गंगा 71.48 मीटर तक पहुंच गई।
– इससे पहले साल 1978 में गंगा खतरे के निशान के पार 73.90 मीटर तक पहुंच गई थी।
– बता दें, साल 2013 में भी गंगा का जलस्‍तर इतना बढ़ गया था कि सड़कों पर नाव चली थी।
वाराणसी, बलिया, गाजीपुर में गंगा का डेंजर लेवल पार

वाराणसी:

#वार्निंग लेवल- 70.262
#डेंजर लेवल- 71.262
#हाईएस्ट लेवल- 73.901 (09.09.1978)
#आज खतरे के निशान के पार- 71.48

गाजीपुर:

#वार्निंग लेवल- 62.105
#डेंजर लेवल- 63.105
#हाईएस्ट लेवल- 65.22 (09.09.1978)
#आज खतरे के निशान के पार- 64.25

बलिया:

#वार्निंग लेवल- 56.615
#डेंजर लेवल- 57.615
#हाईएस्ट लेवल- 60.25 (14.09.2003)
#आज खतरे के निशान के पार- 59.62

मिर्जापुर:

#वार्निंग लेवल- 76.724
#डेंजर लेवल- 77.724
#हाईएस्ट लेवल- 80.34 (09.09.1978)
#आज का लेवल- 77.21

 

काशी में बाढ़: टूट सकता है 1978 का रिकॉर्ड, छतों पर जल रही चिताएं-सड़क पर चल रही नाव

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