kabul-unviersity-attack_25_08_2016

काबुल। अमेरिकन यूनिवर्सिटी के हमलावरों को सुरक्षाबलों ने मार गिराया है। अफगान पुलिस के मुताबिक आतंकियों के खिलाफ चलाया जा रहा ऑपरेशन अब खत्म हो चुका है। गोलियों की तड़तड़ाहट और बम विस्फोट से बुधवार को अफगानिस्तान की राजधानी काबुल स्थित अमेरिकन यूनिवर्सिटी ऑफ काबुल दहल उठी थी। अंदर फंसे अधिकारी और छात्रों ने बताया कि अभी भी कई छात्र और लेक्चरार यूनिवर्सिटी कैंपस में फंसे हुए हैं।

एबीसी न्यूज ने पुलिस के सूत्रों के हवाले से बताया कि इस हमले में कम से कम 2 लोग मारे गए जबकि 5 लोग घायल हुए हैं। जबकि, टोलो न्यूज ने बताया कि करीब 100 से ज्यादा छात्र और कर्मचारी बचकर निकल चुके हैं। लेकिन कुछ लोगों ने अभी भी अपने आपको अंदर बंद कर रखा है।

एक छात्र ने घबराते हुए फोन पर कहा, ‘मेरे बेहद करीब से गोलियां चल रही है और विस्फोट की आवाज सुनाई पड़ रही है। हमारा क्लास रूम पूरी तरह से धुआं और धूल से भर चुका है। हम सभी इसके अंदर फंसे हुए हैं और काफी डरे हुए हैं।’

अफगानिस्तान के इंटीरियर मिनिस्ट्री के अधिकारी ने बताया, ‘काबुल की अमेरिकन यूनिवर्सिटी पर कई बंदूकधारियों ने धावा बोल दिया है। वहां पर गोलीबारी और विस्फोट की भी खबर है। वे सभी हमलावर कंपाउंड के अंदर हैं और वहां पर विदेशी प्रोफेसर और सैकड़ों की संख्या में छात्र यूनिवर्सिटी में मौजूद हैं।’

हालांकि, अभी तक किसी आतंकी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। लेकिन, इससे पीछे लगातार पश्चिम समर्थित काबुल सरकार के खिलाफ तालिबानी निशाना बनाते रहे हैं।

कंपाउंड के अंदर फंसे के एक अन्य छात्र ने बताया, ‘मैं यह कह सकता हूं कि आतंकी यहीं पर हैं। वे सभी यहीं पर है। मैं ये नहीं देख पा रहा हूं कि वे सभी कितना संख्या में हैं। वहां पर एक जोरदार विस्फोट हुआ है। यहां की सभी खिड़कियां तोड़ दी गई हैं और उसके बाद फायरिंग की जा रही है। मेरा एक दोस्त भी इस फायरिंग में घायल हुआ है।’

टोलो न्यूज़ के मुताबिक, वहां से बचकर भागे एक छात्र ने बताया कि अभी भी कई छात्र और लेक्चरार यूनिवर्सिटी कैंपस के अंदर फंसे हुए हैं।

ये हमला इस महीने एक अमेरिकन प्रोफेसर और एक ऑस्ट्रेलियन प्रोफेसर की काबुल से हुई किडनैपिंग के बाद किया गया है। अमेरिकन यूनिवर्सिटी ऑफ अफगानिस्तान की स्थापना साल 2006 में की गई थी और इसमें करीब 1700 छात्र एनरॉल हैं।

काबुल में यूनिवर्सिटी के हमलावर ढेर

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