04_05_2016-04-05

नई दिल्ली। प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोमवार को कांग्रेस पार्टी की आधिकारिक बैठक में पहली बार हिस्‍सा लिया। इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश में पार्टी के चुनाव प्रचार की जानकारी ली। यह बैठक कांग्रेस महासचिव गुलाम नबी आजाद ने बुलाई थी। प्रियंका ने इसमें शामिल होकर सबको चौंका दिया। इसके बाद एक बार फिर से उनके आने वाले चुनावों में बड़ी भूमिका निभाने की अटकलें शुरू हो गई हैं। राहुल ने जुलाई में अखिलेश को अच्‍छा व्‍यक्ति बताया था। गुलाम नबी आजाद ने भी कहा था कि उनकी छवि साफ है। सोमवार को कांग्रेस ने कहा कि अखिलेश अच्छे शख्स हो सकते हैं। लेकिन वे अच्छे सीएम नहीं हैं।

बताया जा रहा है कि बैठक में प्रियंका ज्यादा नहीं बोलीं। इसमें यूपी कांग्रेस अध्‍यक्ष राज बब्बर, सीएम पद की उम्मीदवार शीला दीक्षित, संयोजन और प्रचार समिति के प्रमुख, कांग्रेस महासचिव और उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शामिल हुए। बैठक करीब तीन घंटे तक चली। इसमें शामिल हुए एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि प्रियंका ने सवाल किसान मांग पत्र से मिलने वाले समर्थन के बारे में पूछा। इसके अलावा यूपी में शुरू की गई यात्राओं की जानकारी भी लीं।

बताया जा रहा है कि बैठक में प्रियंका के प्रचार करने को लेकर कोई बात नहीं हुई। हालांकि पार्टी नेताओं को उम्मीद है कि वे प्रचार में शामिल होंगी। बैठक में सर्जिकल स्‍ट्राइक को लेकर भी चर्चा हुई। इस पर माना गया कि इसका केवल शहरी क्षेत्रों में असर है, ग्रामीण इलाकों में लोगों को इस बारे में जानकारी नहीं है।कांग्रेस प्रवक्ता आरपीएन सिंह ने कहा कि वो रायबरेली और अमेठी में पहले से चुनाव प्रचार करती रही हैं। उन्हें सांगठनिक गतिविधियों के बारे में जानकारी है। लेकिन रायबरेली और अमेठी से बाहर प्रचार और पार्टी में भूमिका को लेकर फैसला उन्हें करना है।

शीला दीक्षित ने कहा कि वो प्रियंका के यूपी में प्रचार करने का बेसब्री से इंतजार कर रही हैं। उनके प्रचार से बड़ा सकारात्‍मक असर पड़ेगा। सपा में मतभेदों के बारे में उन्‍होंने कहा कि यह पारिवारिक मसला है।

 

कांग्रेस को ताकत देने के लिए यूपी चुनाव के मैदान में उतरीं प्रियंका गांधी

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