उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा जिले में मारे गए लश्कर के पाकिस्तानी मूल के आतंकियों के पास से नए नोट बरामद होने से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप है। पुलिस के अनुसार विदेशी आतंकियों तक पैसा पहुंचाने में ओजीडब्ल्यू मदद कर रहे हैं। पुलिस के नार्थ जोन के डीआईजी उत्तम चंद ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि इस पर सख्ती से नजर रखी जा रही है। पुलिस की ओर से इस मामले को लेकर पड़े पैमाने पर जांच शुरू कर दी गई है, ताकि यह पता लग पाए कि मारे गए आतंकियों तक नए नोट कैसे पहुंचे।

देश भर में नोटबंदी के बाद से यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि इससे आतंकी गतिविधियों पर प्रभाव पड़ेगा, लेकिन मंगलवार को बांदीपोरा जिले के हाजिन में हुई मुठभेड़ के बाद बरामद नए नोट ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। इससे इस बात को बल मिलता है कि इन आतंकियों तक नोट पहुंचाने के पीछे एक नेटवर्क है जो नोटबंदी के बाद भी सक्रिय है।

डीआईजी उत्तम चंद ने बताया कि मारे गए आतंकियों से 2000 रुपये के नए नोट बरामद हुए हैं। हालांकि यह कोई ज्यादा राशि नहीं है, लेकिन इसके पीछे जरूर कोई नेटवर्क है।

आतंकियों तक ओजीडब्ल्यू नए नोट पहुंचा रहे हैं क्योंकि आतंकियों का कोई बैंक खाता नहीं है। जरूर कोई न कोई बैंक से नोट बदलवा कर उन तक पहुंचा रहा है। ऐसा करने वालों पर कड़ी नजर रखी जाएगी ताकि आतंकियों को अपने नापाक मंसूबों को अंजाम देने में मदद न मिल पाए।

वहीं राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के कार्यकारी अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने भी आतंकियों से बरामद नए नोट पर ट्वीट किया। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि अभी तक मैंने अपने हाथ में 2000 रुपये के नए नोट नहीं देखे। पता नहीं इनके पास कहां से आए।

कश्मीर में आतंकियों को ओवर ग्राउंड वर्कर मुहैया करा रहे नए नोट

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