pok-indian-remain_18_08_2016

 

नई दिल्ली। गुलाम कश्मीर पर भारत ने अपना रुख और सख्त कर लिया है। कश्मीर हिंसा पर सर्वदलीय बैठक में जिस तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) का मुद्दा उठाया था, विदेश मंत्रालय उस कूटनीति को आगे बढ़ाने में जुट गया है।

भारत ने पाकिस्तान से फिर कहा है कि उसके साथ कोई बात सिर्फ अधिकृत कश्मीर को आजादी दिलाने पर होगी। भारतीय विदेश सचिव एस जयशंकर ने अपने पाकिस्तानी समकक्ष को पांच मुद्दों पर वार्ता करने का जवाब भेजा है। पाकिस्तान की तरफ से पिछले हफ्ते कश्मीर पर वार्ता का प्रस्ताव भेजा गया था।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने बताया, “विदेश सचिव ने साफ कहा है कि वह पाकिस्तान के साथ अधिकृत कश्मीर को खाली करवाने के मुद्दे पर जल्द बात करने को तैयार हैं। पाकिस्तान के विदेश सचिव एजाज अहमद चौधरी ने ही वार्ता का प्रस्ताव भेजा था। भारत ने उसका जवाब दे दिया है। अब गेंद पाकिस्तान के पाले में है।”

भारत के इस जवाब से पाकिस्तान की एक तरह से बोलती बंद है। भारतीय उच्चायुक्त गौतम बंबवाले ने बुधवार को ही यह पत्र पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय को सौंप दिया था। लेकिन गुरुवार को पाकिस्तान ने इस पर चुप्पी साध ली। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नफीस जकारिया ने इस सवाल पर कोई जवाब नहीं दिया।

स्वरूप ने कहा कि पाकिस्तान का आतंक के साथ बहुत पुराना रिश्ता है। जम्मू-कश्मीर में वर्ष 1947 से ही वह आतंक को बढ़ावा देने में जुटा है। 1947, 1965 और 1999 में उसने घुसपैठ की। वह कई बार वादा कर चुका है कि भारत में आतंकी गतिविधियों को मदद नहीं दी जाएगी। बातचीत से हर मुद्दे का हल निकाला जाएगा। लेकिन अभी तक घुसपैठ जारी है।

इन पांच मुद्दों पर बात करेगा भारत

सुमन सेमवाल, देहरादून। मेक इन इंडिया का पहला पंच ड्रैगन पर भारतीय पेट्रोलियम संस्थान (आइआइपी) ने मारा है। आइआइपी की “वैक्स डी-ऑयलिंग” तकनीक पर असोम में लगाए गए 696 करोड़ रुपये के कारखाने से इस साल से 50 हजार टन वैक्स (मोम) का उत्पादन किया जाएगा।

इससे देश में वैक्स के आयात का ग्राफ 50 फीसद तक कम हो गया है। अभी हम चीन से बड़ी मात्रा में वैक्स आयात करते आ रहे हैं, मगर अब इस दिशा में काफी हद तक आत्मनिर्भरता हासिल कर ली गई है। खास बात यह कि नेपाल, बांग्लादेश, केन्या आदि देशों को भी वैक्स निर्यात करने की तैयारी भी शुरू हो चुकी है। ये देश भी अभी वैक्स के लिए काफी हद तक चीन पर निर्भर हैं।

आइआइपी के उत्कृष्ट (आउटस्टैंडिंग) वैज्ञानिक डा. एमओ गर्ग के अनुसार संस्थान की तकनीक पूरी तरह से मेक इन इंडिया पर आधारित है। असोम (नुमालीगढ़) में वैक्स उत्पादन का कारखाना लगाने के बाद अब नजर मुंबई हाई व राजस्थान के कच्चे तेल पर है।

मुंबई हाई के तेल में वैक्स की मात्रा असोम के बराबर (08-10 फीसद) ही है, जबकि राजस्थान के तेल में यह मात्रा 15 फीसद तक पाई गई है। इन क्षेत्रों में भी वैक्स उत्पादन के प्रयास किए जा रहे हैं। ताकि मोम उत्पादन की क्षमता को बढ़ाया जा सके। इससे देश के मोम बाजार को नया आयाम मिल पाएगा। साथ ही मोम के उत्पादों के दाम में भी गिरावट आने की उम्मीद की जा रही है।

विभिन्न देशों ने किया संपर्क

भारतीय पेट्रोलियम संस्थान की वैक्स बनाने की तकनीक को लेकर इंडोनेशिया, ईरान, सउदी अरब आदि देशों ने संस्थान से संपर्क किया है। ये देश अपने यहां भी कच्चे तेल से मोम लगाने के लिए “वैक्स डी-ऑयलिंग” तकनीक अपनाना चाहते हैं। उत्कृष्ट वैज्ञानिक डा. एमओ गर्ग ने बताया कि हालांकि वार्ता अभी प्रारंभिक दौर में है, मगर इसके सकारात्मक परिणाम आने की पूरी उम्मीद है।

विश्व में होगा भारत का वर्चस्व

इंडियन ऑयल कारपोरेशन (आइओसी) ने वर्ष 1998 के आसपास अमेरिका आधारित वैक्स बनाने की तकनीक अपनाई थी। अब इस तकनीक को अमेरिका ने आउट-डेट करार दिया है। डा. गर्ग का मानना है कि अब भारत एकमात्र ऐसा देश के है, जिसके पास वैक्स बनाने की सबसे नवीनतम तकनीक है। इससे देश ही नहीं, बल्कि देश से बाहर की कंपनियां भी वैक्स डी-ऑयलिंग तकनीक को अपनाने का प्रयास करेंगी।

कब खाली कर रहे पीओके: भारत

| उत्तर प्रदेश | 0 Comments
About The Author
-