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आगरा। जवाहर बाग पुलिस लाइन के बराबर में है। इसकी दीवार से पुलिसवालों के आवास सटे हैं। यहां रहने वाले उनके परिवार रामवृक्ष और उसके अनुयायियों से डरते थे। कब्जाधारी उनके बच्चों से गालियां देकर बोलते थे। पुलिस वालों को कोसते थे। उसने पुलिसवालों और उनके परिवारों की बाग में एंट्री बंद कर दी थी। कोई अंदर जाता, तो उसके साथ मारपीट करता। बाग खाली हो जाने से सबसे ज्यादा सुकून इन लोगों को ही मिला है।

जवाहर बाग के कब्जाधारियों का प्रमुख नेता रामवृक्ष यादव आपरेशन के दौरान कहां गया पता नहीं चल पा रहा है। आपरेशन के शुरूआत में पुलिस पर पेड़ों से गोली चलाने वाला रामवृक्ष यादव खुद के बचाव में भागने लगा था।

इसके बाद उसका पता नहीं चल सका। डीजीपी जावीद अहमद ने रामवृक्ष के सवाल पर कहा कि रामवृक्ष का पता नहीं चल सका है। वह अगर फरार है तो उसे पकड़ लिया जाएगा।

वहीं दूसरी ओर पोस्टमार्टम पर पड़े जवाहरबाग के उपद्रवियों के शवों की शिनाख्त नहीं हो सकी। उनको 72 घंटे तक के लिए फ्रीजर में रख दिया है।

कब्जाधारियों से डरते थे पुलिसवालों के परिवार

| उत्तर प्रदेश | 0 Comments
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