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अहमदाबाद। बसपा प्रमुख मायावती गुरुवार को पीएम मोदी के गृहराज्य गुजरात के अहमदाबाद पहुंचीं। यहां उन्होंने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होने कहा कि राज्य में बीजेपी की सरकार है और बीजेपी की सरकार में ही सभी राज्यों में दलित, ओबीसी और मुस्लिमों पर अत्याचार हो रहे हैं। इस दौरान मायावती ने आरएसएस पर भी पर हमला बोलते हुए कहा कि आरएसएस व अन्य कट्टरपंथी संगठनों ने माहौल खराब किया हुआ है। बीजेपी और आरएसएस ने मिलकर गोरक्षा के नाम पर मुस्लिमों को भी खूब सताया है और अब वह दलितों को निशाना बना रहे हैं।

 

गुजरात की सीएम का इस्तीफा बीजेपी का दिखावा 
मायावती ने आगे कहा, ‘दलितों पर होता अत्याचार ऐसा लगता है जैसे मुझ पर अत्याचार किया जा रहा है। यह बेहद ही दुख की बात है कि दलितों को पीटा जा रहा था और लोग केवल खड़े हो कर देख रहे थे। बीजेपी वाले जनता की आवाज को दबाना चाहते थे यहां तक कि राजकोट में पीड़ितों को बिना इलाज के छोड़ दिया गया। उन्होने आगे कहा, ‘बीजेपी ने दलितों को दिखाने के लिए सीएम का इस्तीफा लिया है। बीजेपी दलितों के मुद्दे पर गंभीर नहीं है।’ उन्होंने कहा कि मैं यहां तक ना पहुंच पाऊं इसलिए बीजेपी ने मेरे खिलाफ घटिया बयान दिलवाया जिससे सभी का ध्यान इस मुद्दे से हटाया जा सके।

 

बीजेपी ने की मुद्दे को दबाने की कोशिश
बसपा प्रमुख ने कहा, “पूरे गुजरात में दलितों का बुरा हाल है यहां पर दलितों को प्रताड़ित किया जा रहा है। पुलिस ने भी अभी तक मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है। ” उन्होंने कहा, “पूरे देश का इस मुद्दे से ध्यान हटाने के लिए मेरे खिलाफ साजिश के तहत अभद्र भाषा का इस्तेमाल कराया। यह सब कुछ एक साजिश के तहत किया गया।” उन्होंने गोरक्षा के नाम पर तथाकथित गोरक्षकों से हिंसा व क्रूरता त्याग कर अहिंसक गोरक्षक बनने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह भी उत्तर प्रदेश में चुनाव को ध्यान में रखकर दलितों के साथ भोजन करना का दिखावा कर चुके हैं। इतना ही नहीं गुजरात की भाजपा सरकार ने मामले को दबाने की पूरी कोशिश की जबकि वर्षों तक वहां सत्ता में रही कांग्रेस पार्टी भी खामोश रही। हलांकि इस प्रकरण से पहले भी कई जघन्य घटनाएं यहां हो चुकी हैं।

 

कार्रवाई के लिए मजबूर हुई सरकार

उन्होंने आगे कहा कि सरकार हरकत में आयी लेकिन काफी आधे-अधूरे मन से। लेकिन संतोष की बात यह है कि ऊना की जघन्य घटना के खिलाफ पूरे देश में सर्वसमाज के लोग खड़े हुए  जिससे बीजेपी के दलित-विरोधी चाल, चरित्र व चेहरे का तीव्र विरोध हुआ। मायावती ने आगे कहा कि उन्होंने उनकी लड़ाई देश की राजधानी व संसद में भी खूब लड़ी जिससे अन्याय के खिलाफ संघर्ष को काफी मदद मिला। इसका असर यह हुआ कि भाजपा की गुजरात सरकार को दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ा।

 

केंद्र सरकार की नीयत में खोट 
बसपा प्रमुख ने कहा, “दलितों के खिलाफ संगठित तौर पर जुल्म तथा अन्याय-अत्याचार के खिलाफ व खासकर ऊना कांड के मामले में सर्वसमाज के लोगों का सहयोग काफी सराहनीय है। अगर ऐसा नहीं होता तो भाजपा की सरकारें अपनी गलतियों व कमियों को जल्दी से मानने को तैयार नहीं होती। यही गलत रवैया केंद्र की मोदी सरकार का अभी तक भी लगातार बना हुआ है।  केंद्र की वर्तामान भाजपा सरकार द्वारा देश में स्वच्छता का अभियान चलाकर व फोटो छपवाने के लिए झाडू लगाकर वाहवाही लूटने का सस्ता प्रयास तो किया जाता है। लेकिन लाखों सफाईकर्मियों को मशीनों से सफाई का काम करने से वंचित रखकर उन्हें परम्परागत तौर पर नरकीय जीवन जीने को मजबूर किया जाता है। जो कि सरकार की नीयत में असली खोट को दर्शाता है।”

 

ओबीसी और मुस्लिमों पर हो रहे अत्याचार- मायावती

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