Indore patna train accident victims.

इंदौर पटना एक्सप्रेस(19321) की बोगियां पटरी से ऐसी उतरीं कि कई घरों के चिराग बुझ गए तो कईयों ने ऐसा दर्दनाक व भयानक मंजर देखा, जो उन्हें भूले न भुलाएगा। पिचकी हुईं बोगियां, कराहते और मौत से जूझते लोग। रविवार को जब स्पेशल ट्रेन से यात्री चारबाग रेलवे स्टेशन पहुंचे तो दर्द और खौफ का ऐसा मंजर बयां किया कि रोंगटे खड़े हो गए।

आपबीती सुनाते-सुनाते एक ओर जहां यात्री भावुक हो गए, वहीं रेलवे व जिला प्रशासन की बेरुखी पर नाराजगी भी जताई। यात्रियों ने कहा कि ढाई से तीन घंटे तक मदद को कोई नहीं आया, अगर स्थानीय लोग न सामने न आते तो हादसे की शक्ल ही कुछ और होती।

पुखरायां से ट्रेन की डैमेज बोगियों को हटाकर स्पेशल ट्रेन से बाकी बोगियां को चारबाग रेलवे स्टेशन लाया गया, जहां चार बोगियां लगाकर ट्रेन को राजेंद्रनगर के लिए रवाना किया गया। इसमें थर्ड एसी की एक, स्लीपर की दो और लगेजयान की एक बोगी शामिल है।

इंदौर-पटना एक्सप्रेस के बेपटरी होने के बाद उत्तर रेलवे चारबाग रेलवे स्टेशन की ओर से तत्काल एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन(एआरटी) मौकेपर भेजी गई। एआरटी ने एक ओर जहां मोर्चा संभाला, वहीं उत्तर रेलवे प्रशासन ने भी यात्रियों को सकुशल लाने के लिए स्पेशल ट्रेन भेजी, जिससे यात्री चारबाग पहुंचे। जहां ट्रेन में स्लीपर, थर्ड एसी सहित चार बोगियां लगाई गईं और ट्रेन को आगे रवाना किया गया। इतना ही नहीं स्पेशल ट्रेन से चारबाग पहुंचे यात्रियों के लिए रेलवे प्रशासन की ओर से चाय, पानी, केले वगैरह का वितरण भी करवाया गया। स्टेशन पर सीनियर डीसीएम शिवेंद्र शुक्ल, स्टेशन प्रबंधक बीएस गिल सहित सुरक्षाबल मौजूद रहे।

ऐसा दर्दनाक व भयानक मंजर जो भूले न भुलाएगा

| उत्तर प्रदेश | 0 Comments
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