शुरुआती वेतन के मामले में भारतीयों की स्थिति पूरे एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सबसे दयनीय है। क्षेत्र के किसी भी अन्य देश के मुकाबले भारत में सबसे कम वेतन मिलता है। यह बात एंट्री से लेकर सीनियर लेवल तक लागू होती है। यहां तक कि सस्ती मजदूरी के लिए दुनियाभर में विख्यात चीन में भी लोग हमसे कहीं ज्यादा सैलरी पाते हैं। कर्मचारियों के बीच सर्वेक्षण करने वाली मशहूर कंपनी विलिस टावर्स वाटसन के अध्ययन में यह सच सामने आया है।

सर्वे कहता है कि रोजगार की सभी श्रेणियों में चीन की बेस सैलरी भारत के मुकाबले 64-100 फीसद ज्यादा हैं। इस सर्वेक्षण में एशिया-प्रशांत क्षेत्र की 5500 से यादा कंपनियों को शामिल किया गया। इसमें भारत से 313 कंपनियों ने हिस्सा लिया।

क्षेत्र में सफेदपोश पेशेवरों की एंट्री-लेवल सैलरी की बात करें तो यह भारत और फिलीपींस में सबसे कम है। यह औसतन सालाना करीब 11000 डॉलर (लगभग 7,37,000 रुपये) है। चीन में यह इसके करीब दोगुना है। ऑस्ट्रेलिया में एंट्री-लेवल पर सबसे ज्यादा वेतन मिलता है। जब सीनियर और टॉप मैनेजमेंट पोजीशन की बात हो तो यह सिंगापुर में सबसे यादा है।

चीन से भारत की तुलना करने पर पता चलता है कि वहां सभी स्तरों पर सैलरी हमसे ज्यादा है। यह एंट्री-लेवल पर 81 फीसद, मिड-लेवल पर 84 फीसद, सीनियर लेवल पर 100 फीसद और टॉप मैनेजमेंट लेवल पर 64 फीसद अधिक है।

 

एशिया-प्रशांत में शुरुआती वेतन के मामले में भारतीयों की स्थिति सबसे दयनीय

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