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बिहार की राजनीति में बंगलों का भी खासा महत्व है, खासकर मुख्यमंत्री के बंगलों का। इन्हीं बंगलों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी नीतीश सरकार से उलझ गए थे तो अब मुख्यमंत्री नीतीश और पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी में ठन गई है। सुशील मोदी ने नीतीश पर आरोप लगाया है कि उन्होंने मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री दोनों पदों के अनुसार दो बंगलों पर कब्जा जमा रखा है।

 

जानकारी के अनुसार नीतीश कुमार फिलहाल 7 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगले में रहते हैं, यह बंगला उन्हें तब आवंटित हुआ ‌था जब मुख्यमंत्री की कुर्सी से हटने के बाद भी जीतन राम मांझी ने मुख्यमंत्री का अधिकारिक आवास नहीं छोड़ा था।

सीएम की कुर्सी से हटने के बाद भी मांझी 1 अणे मार्ग स्थित सीएम आवास में डटे रहे थे जिसके बाद नीतीश ने भी उसे अशुभ मानते हुए वहां जाने की इच्छा त्याग दी थी। इसके बाद उन्हें 7 सर्कुलर रोड पर नया बंगला आवंटित किया गया था।

चुनावों के बाद जीतन मांझी ने वह बंगला खाली किया तो उसे फिर मुख्यमंत्री होने के नाते नीतीश कुमार के नाम आवंटित कर दिया गया। इसी को लेकर बिहार की राजनीति गर्मा गई है। भाजपा नेता और पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने नीतीश को खत लिखकर नैतिकता का पाठ पढ़ाते हुए एक बंगला खाली करने की मांग की है।

 

नीतीश को लिखे पत्र में सुशील ने कहा, ”जहां तक मेरी जानकारी है, आप वंशवाद में विश्वास नहीं रखते। जब पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव अपनी पत्नी और दो मंत्री बेटों के साथ एक बंगले में रह सकते हैं तो फिर आपको दो बंगलों की क्या जरूरत है। आप पांच साल के लिए मुख्यमंत्री चुने गए हैं और यह सरकार की जिम्मेदारी है कि उस बंगले को पूर्व मुख्यमंत्री के ना आवंटित करे। लेकिन आपका दो बंगलों पर कब्जा बनाए रखना आपके गिरते आत्मविश्वास को झलकाता है कि आपको एक सही बंगला नहीं मिल रहा है”।

वहीं सुशील मोदी के इस खत पर नीतीश कुमार ने पत्र के जरिए ही पलटवार करते हुए लिखा, “सुशील कुमार मोदी के पास राजेन्द्र नगर में अपना निजी मकान है, फिर वे क्यों सरकारी बंगले में रह रहे हैं। अगर सुशील जी अपना दे देते हैं या भाजपा कार्यालय को खाली करवा देते हैं तो मैं वहां शिफ्ट कर सकता हूं।”

मुख्यमंत्री के इस जवाब पर सुशील मोदी का कहना है कि, “मैं अपने घरवालों और राजेन्द्र नगर वाले मकान के सह मालिकों से कहूंगा कि अगर मुख्यमंत्री चाहते  हैं तो उन्हें वहां रहने दें।” उन्होंने आगे कहा कि जब 150 से ज्यादा विधायकों के पास सरकरी आवास नहीं है तब एक मुख्यमंत्री का दो दो बंगलों में रहना उचित नहीं लगता। बता दें कि पटना में अभी विधायकों के रहने के लिए सरकारी फ्लैट्स का निर्माण कराया जा रहा है। आवास न होने के कारण विधायकों को 28 हजार रुपये मासिक आवास भत्ता दिया जा रहा है

एक साथ दो-दो बंगलों में रहते हैं नीतीश कुमार?

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