cpec-tahir-hussain-mashhadi_19_10_2016

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के कई सांसद चीन की सीपीईसी परियोजना को लेकर सशंकित हैं। उनका मानना है कि अगर देश हित की हिफाजत नहीं की गई तो यह पाक के लिए तरक्की नहीं बल्कि तबाही का गलियारा बन सकती है। सांसदों का कहना है कि चीनी परियोजना पाकिस्तान के लिए दूसरी ईस्ट इंडिया कंपनी साबित हो सकती है।

चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) को लेकर सबसे ज्यादा खौफजदा सांसद ताहिर हुसैन मसहद्दी हैं। वह पाकिस्तानी संसद की योजना एवं विकास मामलों से संबंधित स्थायी समिति के अध्यक्ष हैं। बकौल ताहिर, “दूसरी ईस्ट इंडिया कंपनी बनने जा रही है। देश हित की हिफाजत नहीं की जा रही है।

हमें पाकिस्तान और चीन की दोस्ती पर गर्व है। लेकिन राष्ट्र हित पहले है।” संसदीय समिति की बैठक में शामिल सांसदों ने सीपीईसी को लेकर नवाज शरीफ सरकार पर करारा हमला बोला। आरोप लगाया कि नवाज सरकार ने चीन को खुश करने के लिए सीपीईसी परियोजना में देश हित को ताक पर रख दिया है।

समिति को जब पाक योजना आयोग के सचिव नदीम खोकर ने यह बताया कि सीपीईसी में चीनी निवेश की बजाय ज्यादातर स्थानीय संसाधनों का ही इस्तेमाल किया जा रहा है तो सांसद भड़क गए। सांसद ताहिर ने कहा, “यह हमारे लिए बेहद नुकसानदायक सौदा है।

यह राष्ट्रीय आपदा है। सीपीईसी को लेकर चीन से जो भी कर्ज लिया गया है, वह पाकिस्तान की गरीब जनता से वसूला जाएगा।” नवाज शरीफ की पार्टी के सांसद सईदुल हसन मांदोखैल ने भी सीपीईसी को लेकर नाराजगी जाहिर की।

 

 

एक और ईस्ट इंडिया कंपनी बन सकती है CPEC

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