अंबेडकर विवि में अंग्रेजी और अर्थशास्त्र के ‘अनपढ़ प्रोफेसर’ मूल्यांकन करने पहुंचे थे। इस प्रकरण को नईदुनिया के सहयोगी प्रकाशन दैनिक जागरण ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसे गंभीरता से लेते हुए शुक्रवार को आगरा आए कुलाधिपति राम नाईक ने कुलपति प्रो. मोहम्मद मुजम्मिल से रिपोर्ट मांगी है। विवि की रिपोर्ट मिलने के बाद परीक्षकों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

विवि के खंदारी परिसर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ होटल एंड टूरिज्म (आइटीएचएम) में बीए अर्थशास्त्र और अंग्रेजी का मूल्यांकन चल रहा है। जागरण के 28 जून के अंक ने ‘टॉपर्स बनाने वाले अनपढ़ प्रोफेसर’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसमें अंग्रेजी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. श्याम बहादुर, गन्ना किसान डिग्री कॉलेज पुवायां जिला शाहजहांपुर (संबद्ध रुहेलखंड विवि) इवैलुएशन की स्पेलिंग सही नहीं लिख सके थे।

वह एक दिन अंग्रेजी की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कर चुके थे। वहीं, अर्थशास्त्र के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अनिल कुमार पाल, संत बुला सत्यानाम दास बीरबल स्नातकोत्तर महाविद्यालय, (संबद्ध पूर्वांचल विवि) अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आइएमएफ) के बारे में नहीं बता सके थे। इन दोनों परीक्षकों को मूल्यांकन से हटा दिया गया था। परीक्षा नियंत्रक से ब्योरा लेकर कुलाधिपति कार्यालय भेजा जा रहा है। शिक्षकों को ब्लैक लिस्टेड करने और उन पर कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी -प्रो. मोहम्मद मुजम्मिल, कुलपति

 

उप्र के ‘अनपढ़ प्रोफेसर’ पर कुलाधिपति ने मांगी रिपोर्ट

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