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उत्तराखंड मामले पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई होगी। केंद्र ने हाईकोर्ट के फैसले को गलत बताते हुए उसे रद्द करने की मांग की है। दो बागी विधायकों ने भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर अनुरोध किया है कि उनकी अयोग्यता से जुड़े मामले पर भी सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करे।

दरअसल, नैनीताल हाईकोर्ट ने राज्य में राष्ट्रपति शासन को असंवैधानिक बताया था और सरकार बहाली के निर्देश दिए थे। हाईकोर्ट के फैसले के बाद हरीश रावत सरकार ने तुरंत कैबिनेट की बैठक बुलाई और ताबड़तोड़ कई फैसले भी ले लिए। लेकिन केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में राष्ट्रपति शासन अभी लागू है लिहाजा वो इस तरह के फैसले नहीं कर सकते हैं।

दरअसल हाईकोर्ट ने मौखिक तौर पर राज्य में राष्ट्रपति शासन को असंवैधानिक बता कर राज्य सरकार को बहाल कर दिया था और 28 अप्रैल विश्वास मत हासिल करने के निर्देश दिए थे। लेकिन लिखित फैसले देने के लिए एक सप्ताह का वक्त मुकर्रर कर दिया।

केंद्र की सुप्रीम कोर्ट में दलील थी कि अधिसूचना के जरिए राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया गया। और अधिसूचना जारी करने के बाद ही राष्ट्रपति शासन को हटाया जा सकता है। लेकिन नैनीताल हाईकोर्ट के फैसले के बाद भ्रम की स्थिति पैदा हो गयी है लिहाजा यथास्थिति को बनाया रखा जाए। केंद्र सरकार की दलील पर सु्प्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति शासन को जारी रखने के निर्देश दिए।

उत्तराखंड में सरकार या राष्ट्रपति शासन, SC में फैसला आज

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