उज्जैन। महाकाल पुलिस को नकली नोट के मामले में बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने चार युवकों को गिरफ्तार कर 8 लाख रुपए के नकली नोट बरामद किए हैं। सभी नए दो हजार रुपए के नोट हैं। पकड़ाए आरोपियों में एक नाबालिग है। मामले में तीन आरोपी अब भी फरार हैं। पुलिस ने कम्प्यूटर, स्कैनर, प्रिंटर व कागज बरामद किए हैं।

एसपी एमएस वर्मा ने बताया सूचना मिली थी कि बड़नगर रोड पर धरमबड़ला के समीप दो युवक नकली दो हजार रुपए का नोट पेट्रोल पंप पर चलाने का प्रयास कर रहे हैं। इस पर पुलिस ने शुभम पिता कचरूलाल निवासी पिपलीनाका व एक नाबालिग को गिरफ्तार किया।

दोनों ने पूछताछ में बताया कि उन्हे नोट सूरज पिता हरिशंकर नामदेव निवासी पिपलीनाका ने चलाने के लिए दिए थे। सूरज व उसके साथी उदय पिता दीपचंद जैन को गिरफ्तार किया गया। चारों युवकों के पास से 8 लाख रुपए के नकली नोट, कम्प्यूटर, प्रिंटर, कटर, कागज व अन्य सामान बरामद किया है।

जांच में सामने आया कि ललित पिता गोविंद तिवारी निवासी नागाबाबा की तलाई, मयंक मोढ़ पिता त्रिलोक कुमार व कमलेश नामक युवक ने कमरा किराए पर लेकर वहां नकली नोट बनाना शुरू किए थे। तीनों अब भी फरार हैं। पुलिस को आशंका है कि तीनों के पास भी नकली नोट हो सकते हैं।

मयंक मोढ़ के जिम्मे नोट को स्कैन कर प्रिंट करने का काम था। मयंक गुजरात के सूरत में फोटो एडिटिंग व डिजाईनिंग का काम सीखकर आया था। वर्तमान में फ्रीगंज में कम्प्यूटर कलर लैब पर काम करता है। सॉफ्टवेयर की मदद से वह नोट को स्कैन करता था। इसके बाद वह नोट के नंबर तक बदल लेता था।

उज्जैन में पकड़ाया नकली नोट का कारखाना

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