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शहर के नौ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर बुजुर्ग मरीजों को सप्ताह में दो दिन लाइन में लगने से मुक्ति मिलेगी। जून के प्रथम सप्ताह से शुरू होने वाली इस सुविधा की तैयारियां की जा रही हैं।

चिनहट, बीकेटी, माल, गोसाईगंज, मोहनलालगंज, काकोरी, मलिहाबाद, इंटौजा, सरोजनीनगर के आसपास रहने वाले गांवों के बुजुर्गों के लिए विशेष इलाज की व्यवस्था होगी।

इसको लेकर सीएचसी निदेशक  ने सीएमओ को प्रस्ताव भेजकर स्टाफ और दिन निश्चित करने की जानकारी मांगी है। योजना के मुताबिक सप्ताह में दो दिन वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष क्लीनिक चलाई जाएंगी जिसमें फिजिशियन, हड्डी रोग, चेस्ट रोग और महिला रोग विशेषज्ञों का पैनल रहेगा।

स्पेशल सीनियर सिटीजन क्लीनिक में आने वाले बुजुर्ग मरीजों को विशेष सलाह के साथ पैथोलॉजी जांच, एक्स-रे और पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट की सुविधा रहेगी। रेडियोलॉजी जांच प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग की योजना है कि प्रदेश के सभी जिलों की सीएचसी पर यह व्यवस्था लागू होगी। लखनऊ में इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर जून के पहले सप्ताह से शुरू करने की तैयारी है।

जिन बीमारियों का इलाज सीएचसी पर नहीं होगा उसके लिए महीने में दो दिन विशेष एंबुलेंस बुजुर्गों को हायर सेंटर लेकर जाएगी। जहां उन्हें उपचार व दवाएं मुफ्त में दी जाएंगी।

स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी बताते हैं कि कुछ समय पहले स्वास्थ्य विभाग ने सीएचसी के आसपास स्थित गांवों के बुजुर्गों से बातचीत में पता चला कि वह भीड़ की वजह से इलाज के लिए नहीं जाते हैं।

दस में से सात बुजुर्गों ने शिकायत की कि ओपीडी जाओ तो पूरा समय डॉक्टर को दिखाने में गुजर जाता है। इससे जांच का समय खत्म हो जाता है। ऐसे में अगले दिन फिर जाना पड़ता है।

सीएचसी पर तैनात काउंसलर उन बुजुर्गों से बात कर समस्या सुलझाएंगे जो किसी न किसी कारण से अवसाद में हैं। यह उन्हें खुश और स्वस्थ रहने के तौर तरीकों के बारे में बताएंगे।

‘बुजुर्ग मरीजों को सेहतमंद और खुशहाल रखने के लिए स्पेशल सीनियर सिटीजन क्लीनिक का संचालन किया जाएगा। जल्द ही तैयारियों की विस्तृत रूपरेखा बनाई जाएगी।’  डॉ. ईयू सिद्दीकी, निदेशक, सीएचसी 

इलाज के लिए बुजुर्गों को नहीं लगानी होगी लाइन

| उत्तर प्रदेश, लखनऊ | 0 Comments
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