Common people most affected by demonetisation across India

नोटबंदी जानलेवा होती जा रही है। मुरादाबाद मंडल के तीन अन्य लोगों की मौत की वजह नए नोटों का उपलब्ध न हो जाना बताई गई है। बिलारी के कोतवाली के अबूपुरा खुर्द गांव में ब्रह्मपाल सिंह की 60 वर्षीय मां चंद्रवती के शरीर में तेज दर्द होने की शिकायत पर दो दिन पहले परिजन उसे मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल ले गए। चिकित्सक ने वृद्धा को देखने के बाद उसके दिल, लीवर, गुर्दा और शुगर की जांच कराकर लाने को कहा।

ब्रह्मपाल के मुताबिक मुरादाबाद में जिस लैब पर भी जांच के लिए गए, वहीं उनसे खुले हुए छोटे रुपये मांगे गए जबकि उनके पास पांच-पांच सौ के ही पुराने नोट थे। परेशान परिजन बृहस्पतिवार शाम चंद्रवती को घर ले आए और रात में उनकी मौत हो गई। वृद्धा की मौत पर उसके पति बाबूराम समेत बेटे और बेटियों का रो रोकर बुरा हाल है।

बेटी की शादी के लिए बैंक से रुपये निकालने गए शख्स की मौत

रामपुर के स्वार में बेटी की शादी के लिए बैंक से रुपये निकालने गए 60 वर्षीय भूप सिंह की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उनको सीएचसी ले जाया गया। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया था, लेकिन बृहस्पतिवार की रात में हालत बिगड़ने से उनकी मौत हो गई। जिससे परिजनों में कोहराम मच गया। बताते हैं कि वृद्ध की बेटी की शादी दो माह बाद होनी है।

डाक्टर ने मांगे छोटे नोट, इलाज नहीं मिला, युवक की मौत 

अमरोहा के बछरायूं क्षेत्र के गांव सुल्तानपुर में बुखार पीड़ित घासीराम (35) की मौत छोटे नोट न होने की वजह से हो गई। घासीराम को तीन दिन पहले बुखार आया था। स्थानीय उपचार से फायदा नहीं हुआ। गुरुवार रात परिजन उसको उपचार के लिए गजरौला के एक चिकित्सक के यहां ले गए। आरोप है कि चिकित्सक ने परिजनों से खुले नोट देने को कहा। असमर्थ और हताश परिजन बीमार युवक को लेकर गांव वापस आ गए। शुक्रवार सुबह उसने दम तोड़ दिया।

इलाज के अभाव में मर रहे लोग, बेटी की डोली से पहले उठी बाप की अर्थी

| उत्तर प्रदेश | 0 Comments
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