सपा में मुलायम सिंह और अखिलेश यादव के बीच विवाद का समाधान निकालने के लिए दिन भर कोशिशें चलीं लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल सका।

आजम खां ने मुलायम और अखिलेश यादव से अलग-अलग मुलाकात कर सुलह कराने की कोशिश की, लेकिन कामयाब नहीं हो सके। मुलायम के घर रात तक बैठकों का दौर चलता रहा।

मुलायम और अखिलेश के बीच मंगलवार को समझौते की उम्मीदें जगी थीं। बुधवार सुबह आजम ने सुलह की कोशिशों को आगे बढ़ाया। सुबह 10.20 बजे वे नेताजी (मुलायम सिंह) से मिलने उनके आवास पर गए। उनके कुछ देर पहले ही शिवपाल यादव और अंबिका चौधरी वहां पहुंचे थे।

दो घंटे से लंबी बातचीत के बाद आजम उनके आवास से बाहर निकले लेकिन कुछ बोले बिना ही चले गए। इसके एक घंटे बाद शिवपाल और अंबिका चौधरी भी नेताजी के आवास से बाहर आए।

सवा दो बजे शिवपाल व अंबिका और 2.20 बजे आजम खां एक बार फिर नेताजी से मिलने के लिए पहुंचे। कुछ देर बाद नारद राय व बलराम यादव भी नेताजी के आवास पर गए। उनके बीच लंबी गुफ्तगू हुई। समझौते के फॉर्मूले पर चर्चा हुई।

सवा चार बजे आजम और सांसद धर्मेंद्र यादव मुलायम के आवास से निकले और अखिलेश से मिलने 5 कालिदास मार्ग पर चले गए। मुख्यमंत्री से मिलने के बाद लगभग 4.35 बजे आजम खां और धर्मेंद्र यादव फिर मुलायम सिंह के आवास पर आ गए। देर शाम तक उनकी मुलायम सिंह के साथ बातचीत जारी थी।

मुलायम अधिकतर मांगे मानने को तैयार
सपा के सूत्रों का कहना है कि मुलायम सिंह ने अखिलेश की ज्यादातर शर्तों पर हामी भर दी है। वह सुलह के पक्ष में हैं। वे चाहते हैं कि साइकिल सिंबल बचा रहे। समझौते के कई फॉर्मूलों पर चर्चा की अटकलें हैं लेकिन कोई भी पक्ष अधिकृत तौर पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।

सपा में मचे घमासान केबीच बुधवार को दोपहर बाद पूर्व सांसद अतीक अहमद भी मुलायम आवास पहुंचे। करीब 45 मिनट तक मुलायम के आवास में रहने के बाद बाहर निकले अतीक ने कहा, मुख्यमंत्री अखिलेश मेरे दिल में रहते हैं, लेकिन मैं नेताजी के साथ हूं।

कहा, नेता जी का परिवार देश का सबसे बड़ा सियासी परिवार है, छोटे-मोटे विवाद तो होते रहते हैं। यह कोई गंभीर बात नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि दो-चार घंटे में विवाद सुलझ जाएगा।

उधर, दिल्ली में रामगोपाल यादव ने कहा कि अब सुलह के लिए कोई बात नहीं हो रही है। अखिलेश यादव सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिए गए हैं।

90 फीसदी विधायक, सांसद उनके साथ हैं। कहा, कांग्रेस या रालोद से कोई गठबंधन नहीं होगा। हम 403 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। निर्वाचन आयोग का फैसला आते ही सभी प्रत्याशी घोषित कर दिए जाएंगे।

 

आज़म की भी सुलह कोशिश रही नाकाम

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