आस्ट्रिया की संवैधानिक अदालत ने राष्ट्रपति के चुनाव को अवैध करार दिया है। कोर्ट ने दोबारा चुनाव का निर्देश दिया है। बहुत कम मतों के अंतर से हारने वाले फ्रीडम पार्टी के उम्मीदवार नॉरबर्ट होफर की उम्मीदों को पंख लग गए हैं।

होफर के चुनाव जीतने में सफल रहने पर आस्ट्रिया को पहला दक्षिणपंथी राष्ट्रपति मिल सकता है। कोर्ट का यह निर्देश ब्रेक्जिट (यूरोपीय संघ से ब्रिटेन का बाहर होना) के एक सप्ताह बाद आया है। ब्रेक्जिट की तर्ज पर ही आस्ट्रियाई राष्ट्रपति का चुनाव भी प्रवासियों और नौकरियों के हाथ से निकलने के खतरे पर लड़ा गया था। संवैधानिक अदालत ने कहा कि सात लाख से ज्यादा डाक मतपत्रों की गिनती में व्यापक पैमाने पर अनियमितता हुई है।

निर्धारित नियमों का उल्लंघन किया गया। ऐसे में चुनाव परिणाम पर संदेह और प्रबल हुआ है। लिहाजा फिर से चुनाव कराया जाए। ग्रींस पार्टी के नेता अलेक्जेंडर वान डेर बेलन ने फ्रीडम पार्टी के होफर को एक फीसद से भी कम वोट से हराया था। आस्ट्रिया में राष्ट्रपति के पास ज्यादा अधिकार नहीं होते हैं।

 

आस्ट्रिया में राष्ट्रपति का चुनाव अवैध

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