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लखनऊ. आशियाना गैंगरेप केस के मुख्य आरोपी गौरव शुक्ला को 10 साल की कैद और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा मि‍ली है। उसे ये सजा पीड़ि‍ता के बयान पर दी गई है। कोर्ट को कोई सबूत नहीं मि‍ले हैं। बता दें, बुधवार को ही फास्ट ट्रैक कोर्ट के एड‍ि‍शनल सेशन जज अनिल कुमार शुक्‍ला ने 11 साल पहले हुए इस कांड के लि‍ए गौरव को दोषी करार दि‍या था, जिस पर सोमवार को सजा सुना दी गई। वहीं, पीड़‍िता ने कहा है कि वह इस सजा के एलान से खुश तो है, लेकिन संतुष्ट नहीं।

क्या था पूरा मामला

– 2 मई 2005 को गौरव और उसके 5 साथियों ने आशियाना इलाके में एक नाबालिग लड़की को सड़क से कार में खींच लि‍या।

– चलती कार में करीब 5 घंटे तक आरोपियों ने उससे गैंगरेप किया।
– इसके बाद उसे किसी सुनसान जगह पर ले गए और फिर वहां भी बारी-बारी से रेप किया।
– आरोपियों ने लड़की के प्राइवेट पार्ट को सिगरेट से भी दागा।
– बाद में उसे डॉलीगंज पुल के पास छोड़कर चले गए।
– रात में एक पुलिसकर्मी ने लड़की को अर्धबेहोशी की हालत में पाया। पूछताछ के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया।
– पीड़िता के बयान के मुताबिक, परिजनों ने आशियाना थाने में मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

गौरव शुक्ला को कोर्ट ने माना दोषी

– ट्रायल के समय मुख्य आरोपी गौरव शुक्ला के नाबालिग होने को लेकर काफी बहस हुई।
– करीब 11 साल तक चली इस बहस के बाद आखिरकार कोर्ट ने गौरव को बालिग और दोषी माना।
– गौरव के कॉलेज में लगे सर्टिफिकेट के अनुसार, उसकी बर्थ डेट 14 मार्च 1987 है।

मामले में ये भी आरोपी

– मामले में पीड़ि‍ता के बयान के आधार पर माफिया अरुण शंकर शुक्ला के भतीजे गौरव शुक्ला और उसके दोस्त भारतेंदु शुक्ला, सौरभ जैन, अमन बक्शी, आसिफ सिद्दकी और फैजान के खिलाफ केस दर्ज कर अरेस्ट किया गया।
– 4 दिसंबर 2005 को गौरव शुक्ला को बेल पर रिहा कर दिया गया।
– 2007 में भारतेंदु और अमन को दोषी मानते हुए कोर्ट ने 10 साल की सजा सुनाई।
– वहीं, ट्रायल के दौरान सौरभ और आसिफ की सड़क हादसे में मौत हो गई। फैजान को कोर्ट ने गैंगरेप नहीं, बल्कि किडनैपिंग के चार्ज में दोषी पाया।

 

 

आशियाना गैंगरेप केस: 11 साल बाद गौरव को 10 साल की कैद-10 हजार रुपए फाइन

| उत्तर प्रदेश, लखनऊ | 0 Comments
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