modeled on RSS, Muslims forms MRSS  

एक बम भी फटता है तो पूरे विश्व के मुसलमानों को आतंकवाद की दृष्टि से देखा जाता है। इस नजरिए को बदलने और मुस्लिमों में राष्ट्र के प्रति उनकी जिम्मेदारी के लिए जागरूक करने के घोषित मकसद के साथ सोमवार को बरेली में मुस्लिम राष्ट्रवादी सेवक संघ (एमआरएसएस) के गठन की घोषणा की गई। बताया गया कि यह संगठन देश की एकता और अखंडता के लिए भी कार्य करेगा।

संगठन की घोषणा सोमवार को यहां कलेक्ट्रेट के निकट स्थित एक होटल में इसके संस्थापक अनवार एवज, संघ प्रमुख डा. मोहम्मद खालिद (पूर्व डिप्टी मेयर), प्रचार मंत्री नाजिम बेग व इकबाल रजा खां ने की। प्रेस वार्ता में संघ प्रमुख डा. खालिद ने कहा कि आज स्थिति यह है कि हमें खुद को राष्ट्रभक्त साबित करना पड़ रहा है। जब कि हम राष्ट्र भक्त हैं और राष्ट्र हित में सदैव तत्पर रहते हैं। इसके विपरीत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने कभी राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराया, फिर भी वह राष्ट्रभक्त हैं। हम देश के लिए जान देने को तैयार हों तो भी हमारी राष्ट्रभक्ति पर शक किया जाता है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार मुस्लिम रेजीमेंट बनाए तो हम तो देश के हर घर से एक जवान देने को तैयार हैं।

आरएसएस की तर्ज पर मुस्लिम समुदाय के लिए एमआरएसएस का गठन

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