नई दिल्ली। जिन लोगों ने आठ नवंबर को हुई नोटबंदी के बाद नगदी को जमा किया या बड़ी खरीदारी की, उन लोगों को सतर्क हो जाना चाहिए। आयकर विभाग के अधिकारी पिछले दो महीनों या इससे अधिक समय का डाटा निकालकर ऐसे लोगों की तलाश कर रहे हैं, जिनकी आय उनके आयकर से मेल नहीं खाती है।

अधिकारी डाटा एनालिटिक्स का उपयोग करके पता करने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या किसी ने संदेह से बचने के लिए पैसों की हेराफेरी की है। आयकर विभाग ऐसे लोगों का नाम जल्द ही अपनी वेबसाइट पर डालने की तैयारी कर रही है, ताकि वे लोग ऐसे लेनदेन के बारे में स्पष्टीकरण दे सकें।

नोटबंदी को देखते हुए लोगों के जमा और खरीदारी का रिकॉर्ड देखते हुए आयकर विभाग अभूतपूर्व तीव्रता के साथ काम कर रहा है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हम लोग एक नए ऑनलाइन मैकेनिज्म पर काम कर रहे हैं।

इसमें पैन नंबर के आधार पर जमा कराए गए टैक्स रिटर्न का जिन लोगों के डिपॉजिट और लेन-देन का मिलान नहीं होगा, उन लोगों का नाम जाहिर किया जाएगा। 2.5 लाख रुपए से कम जमा कराए गए लोगों की भी जांच कराई जा सकती है।

आयकर अधिकारी अघोषित आय पता करने के लिए डाटा खंगाल रहे

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