karim-tunda_1461362888

लश्करतैयबा के आतंकी अब्दुल करीम टुंडा का अब नया ठिकाना गाजियाबाद की डासना जेल है। इससे पहले वह दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद था। दिल्ली की कोर्ट से बरी होने के बाद उसे हाल ही में डासना जेल में शिफ्ट किया गया।

 

जेल में टुंडा को हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया है। पिलखुवा निवासी 74 साल के टुंडा पर 1996 से 1998 के बीच देश के अलगअलग हिस्सों में बम धमाके का आरोप है।

 

कपड़ों पर रंगाई का काम करने वाले टुंडा की गिरफ्तारी पर भारत सरकार ने पांच लाख तक का इनाम भी घोषित किया था। यह चर्चा है कि टुंडा पाकिस्तान में बम बनाने की ट्रेनिंग लेकर आया था और भारत में वह लश्करतैयबा के लिए काम करता था।

यह भी चर्चा है कि बम बनाते समय हुए धमाके में ही उसका एक हाथ कट गया था। इसी से उसका नाम टुंडा पड़ा था। टुंडा को भारत नेपाल सीमा से आईबी की टीम ने गिरफ्तार किया था।

 

पिछले महीने दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने उसे 90 के दशक में कई स्थानों पर हुए बम धमाकों से संबंधित आरोपों से बरी कर दिया था। लेकिन उस पर साहिबाबाद में फ्रंटियर मेल में वर्ष 1997 में हुए बम धमाके के आरोप हैं, जिनमें दो लोगों की जान चली गई थी और 20 से ज्यादा लोग जख्मी हो गए थे।

 

यह केस गाजियाबाद कोर्ट में विचाराधीन है। जेल अधीक्षक शिव प्रकाश यादव ने बताया कि टुंडा को हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया है। वह ज्यादा वक्त नमाज आदि धार्मिक क्रियाएं और धार्मिक पुस्तकें पढ़ता रहता है।

आतंकी करीम टुंडा पहुंचा डासना जेल की हाई सिक्योरिटी बैरक में

| उत्तर प्रदेश | 0 Comments
About The Author
-