कलकत्ता उच्च न्यायालय के विवादास्पद न्यायाधीश न्यायमूर्ति सी एस कर्णन अवमानना के मामले में उच्चतम न्यायालय में पेश नहीं हुए। न्यायालय ने इस प्रकरण में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश देते हए उनसे पूछा था कि क्यों नहीं उनके खिलाफ स्वत: ही अवमानना कार्यवाही शुरू की जाए। प्रधान न्यायाधीश जगदीश सिंह खेहर की अध्यक्षता वाली सात सदस्यीय पीठ अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी के इस कथन से सहमत नहीं हुई कि न्यायमूर्ति कर्णन की अनुपस्थिति में ही उनके खिलाफ अवमानना के आरोप निर्धारित किए जाएं। इसकी बजाय पीठ ने उन्हें कारण बताने के लिये तीन सप्ताह का और समय देने का निश्चय किया। इस पीठ के अन्य सदस्यों में न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति जे चेलमेश्वर, न्यायमूर्ति रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति मदन बी लोकूर, न्यायमूर्ति पी सी घोष और न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ शामिल हैं। बताया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट जस्टिस कर्णन के खिलाफ वारंट जारी कर सकता है।

अवमानना नोटिस पर पेश नहीं हुए जस्टिस कर्णन

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